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जीएमसी कठुआ प्रशासन द्वारा निकाले गए कांट्रेक्चुअल वर्कर्स ने 30वें दिन भी किया प्रदर्शन

जीएमसी कठुआ प्रशासन द्वारा निकाले गए कांट्रेक्चुअल वर्कर्स ने 30वें दिन भी किया प्रदर्शन
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कठुआ । एएनएन (Action News Network)

जीएमसी कठुआ प्रशासन द्वारा कांट्रेक्चुअल वर्कर्स को निलंबित किए जाने को लेकर शनिवार को 30वें दिन भी एसआरओ 24 के तहत लगाए गए कांट्रेक्चुअल वर्कर्स ने जीएमसी कठुआ प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन प्रदर्शन जारी रखा। वही सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए कांट्रेक्चुअल वर्कर्स का कहना था की वह पिछले 30 दिन से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन जीएमसी कठुआ प्रशासन और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के कानों में आज तक जूं नहीं रेंग रही। उन्होंने कहा कि प्रशासन अपनी कलम का गलत इस्तेमाल कर रहा हैं और तानाशाही रवैया अपना रहे हैं ।

वहीं प्रदर्शनकारियों में पूजा रानी ने बताया की जब तक कांट्रेक्चुअल वर्कर्स चुप थे तब तक जीएमसी कठुआ वाले उनकी सेवाएं आराम से ले रहे थे, लेकिन जैसे ही उन्होंने 1 साल पूरा होने के बाद अपने आगे की नौकरी को जारी रखने के लिए लिखित में आर्डर मांगा, तो उन्होंने उनके प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए उसी दिन शाम को उन्हें निलंबित कर दिया। उन्होंने कहा कि एक तरफ देश के प्रधानमंत्री बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के दावे करते हैं, लेकिन जिस प्रकार उन्हें उनकी नौकरी से निलंबित किया गया है।

इससे साफ जाहिर होता है कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ मात्र दीवारों और पोस्टरों तक ही सीमित है, जमीनी स्तर पर हम जैसी बेटियों को हक मांगने पर नौकरी से निलंबित कर दिया गया। शाहीद का कहना है कि देश के प्रधानमंत्री इस कठिन घड़ी में किसी को भी नौकरी से ना निकालने की अपील कर रहे हैं, लेकिन जीएमसी प्रशासन अपने फायदे के लिए प्रधानमंत्री की अपील को भी ताक पर रख रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उन्हें फिर से नौकरी पर रखा जाए ताकि इस कोविड-19 जैसी महामारी के दौर में वह भी अपनी सेवाएं दे सकें।

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