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उप्र विधानसभा में विपक्ष का जोरदार हंगामा, कार्यवाही 12:20 तक स्थगित

उप्र विधानसभा में विपक्ष का जोरदार हंगामा, कार्यवाही 12:20 तक स्थगित
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  • उन्नाव दुष्कर्म मामला और नागरिकता संशोधन कानून मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरा
  • सपा के दो विधायक सदन में ही अर्धनग्न हो गये और कपड़े लहराने लगे
  • किसानों और नौजवानों के मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने सदन का बहिष्कार किया

लखनऊ। एएनएन (Action News Network)

यूपी विधानमंडल का शीतकालीन सत्र मंगलवार शुरू होते ही विपक्षी दलों के विधायक उन्नाव दुष्कर्म मामला और नागरिकता संशोधन कानून जैसे मुद्दों पर विरोध जताने के लिए बेल में आकर हंगामा करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित के बार-बार कहने पर जब वे नहीं माने तो सदन की कार्यवाही आधे घण्टे के लिए ​स्थगित कर दी गई। बाद में स्थगन की अवधि 12 बजकर 20 मिनट तक के लिए बढ़ा दी गई। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वित्त मंत्री दोपहर 12:20 पर सदन में अनुपूरक बजट प्रस्तुत करेंगे।

उधर विधान परिषद में भी नागरिकता संशोधन कानून और अन्य मुद्दों को लेकर हंगामा हुआ, जिसके चलते वहां की भी कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। इस बीच नेता प्रति​पक्ष रामगोविन्द चौधरी, नेता कांग्रेस विधायक दल आराधना मिश्रा और नेता बसपा विधायक दल लालजी वर्मा ने टंडन हॉल में आकर अलग-अलग पत्रकारों से वार्ता कर सरकारी की नागरिक संशोधन कानून व महिला उत्पीड़न को लेकर सरकार को जमकर घेरा।

विपक्ष के कई विधायक हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी कर रहे थे। सपा के दो विधायक सदन में ही अर्धनग्न हो गये और कपड़े लहराने लगे। विधायक गन्ना मूल्य बढ़ाने, नागरिकता संशोधन कानून वापस लेने की मांग कर रहे थे। विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में पेश होने वाले अनुपूरक बजट का पूरा फोकस राज्य में इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर रहेगा। दूसरे अनुपूरक बजट में एक्सप्रेस-वे, मेडिकल कॉलेजों के निर्माण समेत कई योजनाओं के लिए बजट की व्यवस्था की है। यह बजट करीब चार हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का होने का अनुमान है।

नेता विपक्ष राम गोविंद चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार हर मुद्दे पर असफल है। उन्नाव में दुष्कर्म पीड़ित की जलाकर हत्या कर दी गई। नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज सरकार की नाकामी का उदाहरण है। गन्ने का समर्थन मूल्य नहीं बढ़ाया गया है। ये सभी मुद्दे सपा सदन में उठाये। बसपा ने यूपी विधानसभा में भी नागरिकता संशोधन कानून और महिलाओं के खिलाफ अपराधों के खिलाफ आवाज उठाई।

कांग्रेस विधायक दल की नेता अराधना मिश्रा ने कहा कि सरकार सच्चाई का सामना नहीं करना चाहती, इसलिए वह चार दिन सत्र चलाकर अनुपूरक बजट पास कराना चाहती है। महिला उत्पीड़न के साथ किसानों और नौजवानों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सदन का बहिष्कार किया। कांग्रेस विधान परिषद दल के नेता दीपक सिंह ने कहा कि अभी सरकार बजट का पैसा ही नहीं खर्च कर पाई है, ऐसे में अनुपूरक की जरूरत नहीं थी।

विधानमंडल के शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले ही समाजवादी पार्टी ने सरकार के खिलाफ आक्रामक तेवर बना लिया है। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पूर्व ही सपा विधायकों ने विधानभवन स्थित चरण सिंह की प्रतिमा के पास धरना दिया। सपा के दोनों सदनों के सदस्यों ने इस दौरान नागरिकता संशोधन कानून, बेरोजगारी, महंगाई, महिलाओं पर अत्याचार और धान, गन्ना व आलू किसानों की समस्याओं को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधा।

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