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तबलीगी मरकज से बिहार लौटे कई लोगों का नहीं मिल रहा कोई सुराग मरकज से बिहार आए 57 विदेेेशियोंं में से 35 को ही किया गया है ट्रेस

पटना । एएनएन (Action News Network)

दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन औलिया के दरगाह पर आयोजित तबलीगी मरकज में भाग लेकर बिहार आए कई लोगों का अभी भी तक कोई अता-पता नहीं है। डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने शुक्रवार को को बताया कि जमात में भाग लेकर बिहार लौटे 86 में 53 लोगों को ट्रेस कर लिया गया है। इनमें केवल एक ही व्यक्ति बिहार में है और उसे क्वारेंटाइन कर दिया गया है। डीजीपी ने बताया कि इनमें अधिकतर लोग अभी भी दिल्ली में हैं और उन्हें क्वारेंटाइन करके रखा गया है। डीजीपी ने बताया कि लिस्ट में शामिल नौ लोगों का बिहार से कोई संबंध नहीं है।

ये लोग बिहार आए ही नहीं हैं। उन्होंने बताया कि दस लोगों का फोन नंबर भी सही नहीं है जिसके चलते उन्हें ट्रेस नहीं किया जा सका है। साथ ही दो अन्य लोगों का हमें फोन नंबर उपलब्ध भी नहीं कराया गया है। यानी 86 में से 12 लोगों का कोई अता-पता उपलब्ध नहींं है। डीजीपी ने बताया कि हमेंं मरकज में भाग लेकर लौटे कुल 57 विदेशियों की भी लिस्ट दी गई है। इनमें 35 को ट्रेस कर लिया गया है।इनमें केवल दस लोग ही बिहार में हैं। इनमें नौ को अररिया में तथा एक को समस्तीपुर में क्वारेंटाइन करके रखा गया है।

डीजीपी ने कहा कि हमें 22 ऐसे लोगों की भी सूची सौंपी गई है जो या तो बिहार आए ही नहीं या आए भी थे तो यहां से निकलकर कहीं और चले गए हैं। उन्होंने बताया कि इस लिस्ट में दो लोग बंगाल के भी हैं। दोनों को ट्रस कर लिया गया है। इनमें एक को झारखंड के देवघर में तथा एक को दरभंगा के डीएमसीएच में क्वारेंटाइन करके रखा गया है। गुप्तेश्वर पांडेय ने बताया कि कुछ लोग नेपाल से भी बिहार आए हैं। इन्हें भी क्वारेंटाइन करके रखा गया है।

डीजीपी ने कहा कि इसके अलावा भी बिहार सरकार को एक और सूची सौंपी गई है। इस सूची में वैसे लोग शामिल हैं जिन्होंने मरकज में भाग तो नहीं लिया था लेकिन ये मरकज के काफी करीब रहे हैं। ऐसे लोगों की संख्या की इस सूची में कुल 394 है। ये लोग छह दिनोंं तक मरकज के आसपास रहे हैं। इनमें बिहार के 345 लोग शामिल हैं। डीजीपी ने कहा कि हमें जो सूची उपलब्ध कराई गई है उसमें केवल लोगों के फोन नंबर हैं, उनका नाम-पता नहीं दिया गया है।

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