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तालिबान ने अफगान सरकार पर शांति वार्ता में देरी करने का आरोप लगाया

तालिबान ने अफगान सरकार पर शांति वार्ता में देरी करने का आरोप लगाया
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नई दिल्ली । Action India News

तालिबान के दोहा स्थित कार्यालय के एक मुख्य अधिकारी ने अफगान सरकार पर शांति वार्ता में देरी करने का आरोप लगाया है।

उल्लेखनीय है कि 29 फरवरी,2020 को अमेरिका और तालिबान के बीच शांति समझौता होने के 10 दिन बाद यह वार्ता होनी थी। इस वार्ता की शर्त यह थी कि अफगान सरकार और तालिबानियो के कैदियों के अदला-बदली करने पर आधारित थी।

तालिबान के दोहा स्थित कार्यालय के प्रमुख अधिकारी शाहबुद्दील दिलावर ने कहा कि कैदियों को रिहाई का अंतिम निर्णय लिया जाना चाहिए। साथ ही काबुल से एक समावेशी प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता की जानी चाहिए।

उसने यह भी कहा कि पिछले 4 महीनों से हो रही हिंसक घटनाओं के लिए अफगान सरकार जिम्मेदार है। क्योंकि उन्हें 15 मार्च तक 5000 कैदियों की रिहाई करनी थी। हम 10 दिनों में उनके 1,000 कैदियों को रिहा करने के लिए तैयार हैं।

एक अन्य अधिकारी नूरुल्लाह नूरी ने अमेरिका पर शांति समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया और कहा कि तालिबान ने अफगान बलों के साथ युद्ध विराम की घोषणा नहीं की है।

नूरी ने कहा कि सुरक्षा नाके, सार्वजनिक स्थानों और जिलों में हो रहे हमले इसी तरह जारी रहेंगे क्योकि तालिबान और काबुल के बीच युद्ध विराम नहीं है।

हालांकि प्रेजीडेंशियल पैलेस ने तालिबान की निंदा की है। उनका कहना है कि तालिबान ने अपनी प्रतिबद्धताओं और शांति प्रयासों का पालन नहीं किया है।

प्रेजीडेंशियल पैलेस के प्रवक्ता सेदिक सेद्दिकी ने कहा कि उन्होंने हमारे साथियों को रिहा नहीं किया है। साथ ही आप देख सकते हैं कि तालिबानियों की हिंसा का स्तर कहां पहुंच गया है। आतंकवाद, सरकारी कर्मचारियों और नागरिकों की हत्याएं, अस्पतालों पर हमले जारी हैं।

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