Action India
टेक्नोलॉजी

आधार को सुरक्षित बनाने को Cryptocurrency वाली ब्‍लॉकचेन तकनीक पर गौर कर रहा UIDAI

आधार को सुरक्षित बनाने को Cryptocurrency वाली ब्‍लॉकचेन तकनीक पर गौर कर रहा UIDAI
X

नई दिल्‍ली. एक्शन इंडिया न्यूज़


भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) को भी ब्‍लॉकचेन तकनीक काफी लुभा रही है. इसी तकनीक पर क्रिप्‍टोकरेंसी चलती है. UIDAI के चीफ एग्‍जीक्‍यूटिव ऑफिसर सौरभ गर्ग ने कहा है कि प्राधिकरण ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी और क्वॉन्टम कंप्यूटिंग को इसके साथ जोड़ने पर भी गौर कर रहा है. इसके अलावा UIDAI आधार के आंशिक सत्‍यापन (Partial Authentication) सक्षम बनाने के लिये समाधान खोजने को भी तैयार है.

सौरभ गर्ग ने मंगलवार को India Digital Summit 2022 को संबोधित करते हुये कहा कि UIDAI समय के साथ चलने में विश्‍वास रखता है. आंशिक सत्‍यापन जैसी सेवा के लिये वह उद्योग जगत की राय जानना चाहता है. इस सम्मेलन का आयोजन इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) ने किया था.

  • ब्‍लॉकचेन और क्‍वॉन्‍टम कंप्‍यूटिंग पर नजर

गर्ग ने कहा कि हम देख रहे हैं कि ब्लॉकचेन से क्या मदद मिल सकती है और डी-सेंट्रलाइज्ड सॉल्यूशन मुहैया कराने में क्या इसका कोई उपयोग किया जा सकता है? वहीं क्वॉन्टम कंप्यूटिंग के बारे में हमें यह देखना है कि इससे जुड़े क्या सिक्‍योरिटी सॉल्यूशन्स लाए जा सकते हैं? UIDAI ब्लॉकचेन एवं क्वॉन्टम कंप्यूटिंग तकनीकों का अधिकतम फायदा उठाने के बारे में भी सोच रहा है.

  • क्‍या है आंशिक सत्‍यापन

सौरभ गर्ग ने कहा कि हम आंशिक सत्‍यापन पर भी गौर करने को तैयार है. आंशिक सत्‍यापन का मतलब किसी आधार कार्ड (Aadhaar card) में दी गई सारी जानकारियों का सत्‍यापन न होकर कुछ ही सूचनाओं को सत्‍यापित करने से है. उदाहरण के लिये कोई संस्‍था या कंपनी किसी व्‍यक्ति का निवास क्षेत्र के बारे में जानना चाहती है. उन्‍हें उसके निवास स्‍थान का पता नहीं चाहिये. वह बस यह जानना चाहते हैं किस इस इलाके में यह व्‍यक्ति रहता है या नहीं. UIDAI के प्रमुख ने कहा उद्योग जगत की जरूरतों को इन विषयों पर जानना चाहते हैं.

  • हर महीने 40 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन

गर्ग ने कहा कि आधार नंबर के माध्यम से दैनिक स्तर पर पांच करोड़ से भी अधिक सत्यापन किए जा रहे हैं और हर महीने आधार-समर्थित भुगतान प्रणाली के जरिये 40 करोड़ से भी अधिक बैंकिंग लेनदेन किए जा रहे हैं.

Next Story
Share it