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फ्रांस के अंदर बसी वो छोटी सी घाटी, जो मजाक-मजाक में बन गया था 'देश'

फ्रांस के अंदर बसी वो छोटी सी घाटी, जो मजाक-मजाक में बन गया था देश
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तीन साल से फ्रांस के राष्ट्रपति होने के बावजूद मैक्रों अब तक बर्टिन-पोर्शेट से शिष्टाचार मुलाकात का वक्त नहीं निकाल पाए हैं। वह अपने 'देश' की दूसरी महिला नेता हैं और उनका 128 वर्ग किलोमीटर के देश पर शासन है। शायद मैक्रों को उस मजाक के बारे में नहीं पता जो 1947 से चली आ रही है, जब सौगीस के एक अधिकारी ने स्विट्जरलैंड सीमा से लगती इस घाटी को गणराज्य घोषित किया था।

मजाक में बना गणराज्य
बर्टिन-पोर्शेट के पिता जॉर्जेस मॉन्टबेनॉयट गांव के ऐबी (ईसाई मठ) के पास रेस्तरां चलाते थे। 'एक दिन वह कुछ अधिकारियों के लिए खाना तैयार कर रहे थे। डॉब्स क्षेत्र के नेता लुइस ओटावियानी जब वहां पहुंचे तो मेरे पिता ने मजाक में पूछा कि क्या उनके पास ली सौगीस आने का परमिट है?' लुइस को भी हंसी मजाक पसंद था। उन्होंने जॉर्जेस से ली सौगीस का इतिहास पूछा और फिर कहा, 'यह एक गणराज्य जैसा लगता है और गणराज्य को एक राष्ट्रपति की जरूरत होती है, इसलिए मैं आपको ली सौगीस गणराज्य का राष्ट्रपति नियुक्त करता हूं।'

गैब्रियल ने अपने पूर्वजों के संकल्प को मूर्त रूप दिया। उन्होंने ली सौगीस को दुनिया के नक्शे पर लाने के लिए जिंदगी के 33 साल लगा दिए। ऐबी की मरम्मत के लिए उन्होंने गांवों में मेले लगाकर पैसे जुटाए। 99 साल की उम्र में उनका निधन हुआ। तब तक वही राष्ट्रपति रहीं। बर्टिन-पोर्शेट कहती हैं, 'ज्यादातर बड़ी परियोजनाएं मेरी मां की देन हैं।'

गणराज्य की पहचान

ली सौगीस का राजकीय चिह्न 1973 में डिजाइन किया गया। इसमें ऐबी का एक स्टाफ है, जॉक्स के शासक का हेलमेट है, फर का पेड़ और सौगीस घाटी में बहने वाली डॉब्स नदी है। 1981 में फ्रांचे-कोम्टे क्षेत्र के पुराने रंगों पर आधारित एक झंडा बनाया गया। 1987 में डाक टिकट बनाया गया। सैलानी परमिट मिलने पर ही यहां आ सकते हैं।

2005 में गैब्रियल के निधन के बाद उनकी बेटी राष्ट्रपति नहीं बनना चाहती थीं। 'मैंने कसम खाई थी कि मैं ऐसा कभी नहीं करूंगी। मैं हमेशा मां से शिकायत करती थी कि हम कभी लंच या डिनर साथ नहीं करते क्योंकि आप हमेशा काम करती रहती हो।'

सौगीस की सरकार, जिसमें एक प्रधानमंत्री, महासचिव, दो कस्टम अधिकारी और राजदूत शामिल हैं, ने बर्टिन-पोर्शेट से राष्ट्रपति बनने की अपील की। वह छह महीने तक इसका विरोध करती रहीं। 'उन्होंने मुझसे कहा कि मैं निर्विरोध चुनाव जीत गई हूं। मैंने उनसे कहा कि मैंने तो कोई चुनाव नतीजा देखा ही नहीं। फिर भी वे मुझे मनाते रहे।' छह महीने बाद वह मान गईं।

'यदि मेरे पति लियोन जिंदा होते तो वह कभी नहीं चाहते कि मैं यह सब करूं। वह सेना में थे और मेरे राष्ट्रपति बनने पर उनका मेरे साथ रहना नहीं हो पाता। अगर मेरे बच्चे होते तो भी मैं यह नहीं कर सकती थी। मैं इसे नसीब नहीं कहूंगी, लेकिन मैं अकेली थी।'

लोकप्रिय राष्ट्रपति

बूढ़ी होने के बावजूद बर्टिन-पोर्शेट सक्रिय रहती हैं। किताबों की उनकी आलमारी नागरिकों को दिए जाने वाले सम्मान के दस्तावेजों से भरी हुई है। हर साल अक्तूबर के पहले रविवार नेशनल डे के मौके पर गणराज्य की रक्षा करने वाले नागरिकों को चुना जाता है। यूरोप के कुलीनों के साथ उनकी मुलाकात की तस्वीरों और अखबार की कतरनों के कई फोल्डर हैं।

सौगीस गणराज्य को फ्रांस ने मान्यता नहीं दी है, लेकिन पूर्व राष्ट्रपति, खास तौर पर निकोलस सारकोजी उनकी भूमिका की कद्र करते थे। उन्होंने बर्टिन-पोर्शेट को एलिसी पैलेस में होने वाले सरकारी समारोहों में तीन बार आमंत्रित किया था। बर्टिन-पोर्शेट का मेल-बॉक्स निमंत्रणों से भरा हुआ है, जिसका उनको जवाब देना है। यह पूर्णकालिक काम है।

चाय के बाद हम प्रधानमंत्री सिमोन मार्गेट से मिलने ऐबी पहुंचे। गैब्रियल और उनकी बेटी के प्रयासों से ऐबी की मरम्मत कर दी गई है और अब यह सौगीस का प्रमुख पर्यटन केंद्र है। यहां एक छोटा म्यूजियम है जो सौगीस के इतिहास को समर्पित है। यहां एक तहखाना भी है, जहां 1950 तक भिक्षु रहते थे। फरवरी की ठंडी दोपहर में भी यह मठ सैलानियों से भरा मिला। राष्ट्रपति को वहां देखकर वे उत्साहित हो गए। स्कूली बच्चों की एक पार्टी वहां पहुंची तो बर्टिन-पोर्शेट ने हैंडबैग से अपना प्रेसिडेंशियल सैश निकाल लिया।

भविष्य क्या है?

सौगीस घाटी की आर्थिक राजधानी गिली की आबादी 1,615 है। यहां के स्मोक हाउस में जॉर्जेट की एक मॉडल घूम-घूमकर आगंतुकों को यहां का इतिहास बताती है। यहां एक बैरियर और कस्टम अधिकारी का पुतला बनाया गया है जो तस्करों को घूरता रहता है।

कभी-कभी असली अधिकारी आकर सैलानियों को रोकते हैं और परमिट सौंपते हैं। सैलानी पुतलों को देखने स्मोक हाउस आते हैं और मॉर्टेउ सॉसेज (स्मोक्ड सॉसेज) और स्मोक्ड हैम का जायका चखते हैं। स्मोक हाउस के मालिक पास्कल निकोलेट खुद को फ्रेंच या सॉगेट क्या समझते हैं? वह कहते हैं, 'मैं दोनों के फायदे लेता हूं।'

73 साल के अस्तित्व के बाद इस गणराज्य पर एक संकट आया है। पिछले कुछ साल से बर्टिन-पोर्शेट अपने प्रधानमंत्री को संकेत दे रही हैं कि वह रिटायर होने जा रही हैं। 'मैं थक गई हूं। अब मैं उत्तराधिकारी चुनना चाहती हूं। मेरी जगह कोई नहीं लेना चाहता। यह शर्मनाक है।'

मार्गेट उनकी स्वाभाविक पसंद हो सकते हैं, लेकिन वह परिवार और अपने आधिकारिक जिम्मेदारियों में पहले से व्यस्त हैं। चूंकि बर्टिन-पोर्शेट को कोई संतान नहीं है, इसलिए राष्ट्रपति का पद पहली बार पोर्शेट परिवार से बाहर जाएगा। सौगीस के आधिकारिक गाइड के मुताबिक 'जॉर्जेट ने दिखाया कि राष्ट्रपति होना लोककथाओं का हिस्सा होने या सिर्फ नाम का राष्ट्रपति होने से कहीं ज्यादा है। उन्होंने अपना हृदय इसमें मिला दिया है। उन्होंने इस पर अपनी छाप छोड़ी है और यह सुनिश्चित किया है कि गणराज्य हमेशा सौगेट आत्मा का प्रतीक है।'

राष्ट्रपति के साथ एक दिन का वक्त गुजारे बिना गणराज्य को पर्यटकों को लुभाने वाली ब्रांडिंग डिजाइन कहकर खारिज किया जाना आसान है। इसकी शुरुआत भले ही दोस्तों के बीच हंसी-मजाक से हुई थी, लेकिन बर्टिन-पोर्शेट और उनके अधिकारियों में यहां के इतिहास और परंपराओं को बचाने का एक जुनून है। अब ली सौगीस गणराज्य का अस्तित्व दांव पर है। अब यह यहां के नागरिकों पर निर्भर करता है कि वे आगे बढ़कर जिम्मेदारी उठाएं।

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