
बायोग्राफिकल वॉर ड्रामा फिल्म ‘इक्कीस’ की डिजिटल एंट्री, प्राइम वीडियो पर हुई स्ट्रीमिंग शुरू
मुंबई,
फिल्म'इक्कीस' अब भारत सहित दुनिया भर के 200 से अधिक देशों और क्षेत्रों में विशेष रूप से प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रही है। श्रीराम राघवन के निर्देशन और दिनेश विजन के प्रोडक्शन में बनी 'इक्कीस', मैडॉक फिल्म्स के बैनर तले बिन्नी पड्डा द्वारा को-प्रोड्यूस की गई है। इस फिल्म में अगस्त्य नंदा, दिवंगत धर्मेंद्र, जयदीप अहलावत, सिमर भाटिया और राहुल देव मुख्य भूमिकाओं में हैं।
'इक्कीस' दमदार बायोग्राफिकल वॉर ड्रामा है, जो भारत के सबसे कम उम्र के परमवीर चक्र विजेता, सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की असाधारण सच्ची कहानी से प्रेरित है। नेशनल अवॉर्ड विनर डायरेक्टर श्रीराम राघवन के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अगस्त्य नंदा ने युवा अरुण खेत्रपाल पीवीसी का लीड रोल निभाया है। उनके साथ फिल्म में कई बेहतरीन कलाकार हैं, जिनमें दिवंगत धर्मेंद्र अपनी आखिरी ऑन-स्क्रीन अपीयरेंस में ब्रिगेडियर खेत्रपाल के टचिंग रोल में नजर आएंगे, साथ ही जयदीप अहलावत, सिमर भाटिया और राहुल देव भी अहम भूमिकाओं में हैं। दिनेश विजन द्वारा प्रोड्यूस और मैडॉक फिल्म्स के बैनर तले बिन्नी पड्डा द्वारा को-प्रोड्यूस की गई 'इक्कीस' अब भारत और दुनिया भर के 200 से ज्यादा देशों में प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम के लिए उपलब्ध है।
'इक्कीस' की कहानी अरुण खेत्रपाल के उस छोटे लेकिन असाधारण जीवन के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्होंने बसंतर की लड़ाई में अपनी निडर लीडरशिप के लिए महज 21 साल की उम्र में मरणोपरांत देश का सर्वोच्च सैन्य सम्मान हासिल किया। बहुत ही सोच-समझकर और भावनाओं के साथ बनाई गई यह फिल्म दर्शकों को युद्ध के मैदान और उसके बाद के हालातों के बीच ले जाती है, जहाँ एक पिता अपने बेटे के आखिरी दिनों की यादों को समेटने की कोशिश करता है और उस खामोशी में सुकूँ तलाशता है।
भले ही यह युद्ध पर आधारित फिल्म है, लेकिन 'इक्कीस' सिर्फ एक्शन तक सीमित नहीं है। यह बहादुरी, इंसानियत, युद्ध की व्यर्थता और बंटवारे के जख्मों जैसे गहरे विषयों को भी टटोलती है। यह एक ऐसी भावुक कहानी है जो न केवल वीरता को सलाम करती है, बल्कि उस कीमत पर भी बात करती है जो एक पूरी पीढ़ी को चुकानी पड़ती है।




