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आयुर्वेद के गुणों से भरा सिंघाड़ा बदल रहा किसान का जीवन स्तर

आयुर्वेद के गुणों से भरा सिंघाड़ा बदल रहा किसान का जीवन स्तर
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कौशाम्बी । एएनएन (Action News Network)

ताल-तलैया में पैदा होने वाला जंगली फल सिंघाड़ा किसान की जिंदगी में बदलाव का नया सवेरा लेकर आया है। परंपरागत खेती करने वाले किसानो का रुझान अब सिंघाड़े की तरफ ज्यादा बढ़ा है। जिसके चलते जनपद के किसान अब बेकार से दिखने वाले ताल तलैयों से नगदी फसल तैयार कर मालामाल हो रहे हैं।

गौरतलब है कि व्रत और त्योहारों के शुरू होते ही सिंघाड़े की फसल तैयार हो कर बाजार में आ जाती है। किसान को इस फसल से अच्छी कीमत मिल जाती है। कच्चे सिंघाड़े के रूप में सिंघाड़े की कीमत का अलग दाम मिलता है। उबले सिंघाड़े की कीमत बढ़ कर मिलती है। इतना ही नहीं इसको सुखाकर, पीस कर भी बेचा जाता है। जिसकी किसान को चार गुना से अधिक कीमत मिलती है। दैनिक जीवन में सिंघाड़े का प्रयोग लोग स्वादिष्ट सब्जी के साथ ही अचार और फलाहार के रूप में साल भर करते हैं।

सिंघाड़े की खेती से किसानों के मालामाल होने की बात को कृषि और मत्स्य विभाग के अधिकारी स्वीकार करते हैं। लेकिन अधिकारी सिंघाड़े की खेती को सरकारी मदद से प्रोत्साहित करने की बात पर वह चुप्पी साध जाते है। मत्स्य पालन कार्यकारी अधिकारी अखिलेश रंजन बताते है विभाग तालाब में मत्स्य पालन के लिए अनुदान मुहैया कराता है, पर सिंघाड़ा की खेती के लिए कोई अनुदान नहीं आता।

तंत्रिका तंत्र को मजबूत बनाता है सिंघाड़ा

सिंघाड़ा पानी की सतह में तैरते हुए पौधे की जड़ों के पास पाया जाता है। औषधीय गुणों से भरे इस फल में रासायनिक तत्व सिट्रिक एसिड, टैनिनस, एमिलोज, एमिलोपेक्तीन, कार्बोदित, बीटा-एमिलोज, फास्फोराइलेज, प्रोटीन, वसा, निकोटिनीक एसिड, रीबोफ्लेविन, थायमाइन पाया जाता है। विटामिन ए और सी के साथ सिंघाड़े में मैगनीज भी प्रचुर मात्रा में मिलता है। अपने अन्दर बेहद उपयोगी रासायनिक गुणों को समेटे सिंघाडा इंसानी शरीर में पौष्टिकता के साथ स्त्री और पुरुषों में प्रजनन क्षमता को बढ़ाने वाला माना जाता है।
आयुर्वेद के चिकित्सक ज्ञान बाबू केसरी बताते हैं, सिंघाड़े का सेवन यदि गर्भवती महिलायें दूध के साथ करती हैं तो उन्हें और उनके गर्भ में पल रहे बच्चे को मजबूत तंत्रिका तंत्र का लाभ मिलता है। पानी में पैदा होने के कारण सिंघाड़ा पित्त के रोग, मूत्र विकार के लिए रामबाण दवा के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।

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