अन्तर्राष्ट्रीय

US ने भेजी ईरान की ओर बड़ी सेना, ट्रंप की धमकी पर ईरान का पलटवार, उंगली ट्रिगर पर!

तेहरान:

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को धमकी दी है. उन्होंने घोषणा की है कि अमेरिका का नौसैनिक ‘आर्माडा’ ईरान की ओर बढ़ रहा है, वहीं ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि उनकी उंगली भी ट्रिगर पर है. दोनों तरफ से यह बयान तब आया जब बड़े पैमाने पर ईरान में विरोध प्रदर्शन हुए हैं. ट्रंप ने जोर देते हुए कहा कि वह नहीं चाहते कि बल प्रयोग करना पड़े, लेकिन यह तैनाती ईरान पर दबाव बनाए रखने के लिए है, क्योंकि देश के अंदर की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित कर रही हैं.

ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, ‘हमारे पास एक विशाल सैन्य बेड़ा है जो ईरान की ओर बढ़ रहा है. देखते हैं आगे क्या होता है. हम उन पर बहुत करीब से नजर रख रहे हैं.’ एक अन्य मौके पर उन्होंने कहा, ‘हमारे पास एक आर्माडा है, जो उस दिशा में जा रहा है, और शायद हमें इसका इस्तेमाल न करना पड़े.’ न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन और कई गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर्स आने वाले दिनों में मिडिल ईस्ट पहुंच सकता है.
अपने एयरबेस को बचाने के लिए क्या करेगा अमेरिका?

एक अधिकारी ने कहा कि मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों पर संभावित ईरानी हमले से बचाव के लिए अतिरिक्त एयर-डिफेंस सिस्टम पर भी विचार किया जा रहा है. एशिया-प्रशांत क्षेत्र से पिछले हफ्ते शुरू हुई ये गतिविधियां US को अमेरिकी बलों की रक्षा और किसी भी तनाव की स्थिति का जवाब देने के लिए विकल्प देती हैं. ट्रंप ने ईरान को प्रदर्शनकारियों की हत्या या परमाणु कार्यक्रम फिर से शुरू करने के खिलाफ चेतावनी दोहराई, उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने अमेरिकी हमलों के बाद अपने परमाणु क्षमता को फिर से बनाने की कोशिश की तो अमेरिका कार्रवाई करेगा. उन्होंने कहा, ‘अगर वे फिर से ऐसा करने की कोशिश करते हैं, तो हम वहां भी उतनी ही आसानी से हमला करेंगे.’

'वैध लक्ष्य' वाली चेतावनी

बता दें कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और अमेरिका सहित कई देशों ने एक आतंकवादी संगठन के रूप में चिन्हित किया है और इस पर प्रतिबंधित भी लगाए गए हैं। ईरान में जारी हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान भी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा क्रूरता की खबरें सामने आई हैं।

इस बीच एक अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, जनरल अली अब्दुल्लाही अलीबादी, जो ईरानी संयुक्त कमान मुख्यालय का नेतृत्व करते हैं, ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने हमला किया, तो अमेरिका के सभी ठिकाने ईरान के सशस्त्र बलों के लिए वैध लक्ष्य होंगे।
बहुत बड़ी सेना ईरान की ओर

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह कहकर हलचल मचा दी है कि एक बहुत बड़ी सेना ईरान की ओर बढ़ रही है। दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से लौटते समय, ट्रंप ने एयर फॉर्स वन पर पत्रकारों से कहा कि अमेरिका सिर्फ एहतियात के तौर पर ईरान की ओर एक विशाल बेड़ा भेज रहा है। उन्होंने कहा, "मैं नहीं चाहता कि कुछ भी हो लेकिन हम उन पर बहुत करीब से नजर रख रहे हैं।”
धमकियों का दौर जारी

इससे पहले दोनों देशों के बीच धमकियों का दौर जारी है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की धमकी के बाद बीते मंगलवार को कहा है कि अगर ईरान ने उनकी हत्या कराई तो अमेरिका ईरान का नामोनिशान मिटा देगा। ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘‘मेरे बहुत सख्त निर्देश हैं कि अगर कुछ होता है तो वे उन्हें नक्शे से मिटा देंगे।’’ इससे पहले ईरान ने ट्रंप को देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई करने पर चेतावनी दी थी। ईरान के सशस्त्र बलों के प्रवक्ता जनरल अबुलफजल शेकारची ने कहा, ‘‘ट्रंप जानते हैं कि अगर हमारे नेता की ओर हाथ भी बढ़ाया गया तो हम न केवल उस हाथ को काट देंगे बल्कि उनकी दुनिया में आग लगा देंगे।’’

ईरान में प्रदर्शन के बाद सैन्य तैनाती

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी धमकियों के चलते ईरान ने प्रदर्शनकारियों की फांसी रोक दी, उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने करीब 840 फांसी रद्द कर दीं. रॉयटर्स के मुताबिक ट्रंप ने कहा, ‘मैंने कहा, अगर आप उन लोगों को फांसी देंगे, तो आपको पहले से भी ज्यादा जोरदार झटका लगेगा. यह आपके परमाणु कार्यक्रम पर किए गए हमारे हमले के मुकाबले कुछ भी नहीं होगा.’ अमेरिका की यह सैन्य तैनाती ईरान में उस अशांति के बीच हो रही है, जो दिसंबर के अंत में शुरू हुई थी और देशभर में फैल गई थी, हालांकि सख्त कार्रवाई के बाद यह कम होती दिख रही है. अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक कम से कम 5,002 लोगों की मौत हुई है, जबकि ईरान सरकार ने 3,117 मौतों की पुष्टि की है.

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