
एमपी में गर्म हुआ मौसम, पारा 35 डिग्री पार, अप्रैल-मई में और बेहाल होने के आसार
भोपाल
मध्य प्रदेश में मार्च ने आते ही तेवर दिखा दिए हैं। महीने के पहले ही दिन प्रदेश के कई शहरों में तापमान 30 डिग्री के पार पहुंच गया, जबकि निमाड़ क्षेत्र के खरगोन में पारा 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में भी तेज धूप ने लोगों को गर्मी का अहसास करा दिया। मौसम विभाग का अनुमान है कि अप्रैल और मई सबसे ज्यादा तपिश भरे रहेंगे। ग्वालियर-चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार जा सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी भीषण गर्मी की चपेट में रहेंगे।
अगले 4 दिन और चढ़ेगा पारा
मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री तक की और बढ़ोतरी हो सकती है। यानी मार्च की शुरुआत ही तपिश भरी रहने वाली है। दिन के साथ रात का तापमान भी धीरे-धीरे ऊपर जाएगा। रविवार को पचमढ़ी को छोड़ प्रदेश के लगभग सभी शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री या उससे ज्यादा दर्ज किया गया। धार, गुना, खंडवा, श्योपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सतना और सिवनी जैसे जिलों में पारा 33 डिग्री से ऊपर पहुंच गया।
रातें भी हो रहीं गर्म
फरवरी के आखिर और मार्च की शुरुआत में रात का तापमान भी सामान्य से ऊपर बना हुआ है। जबलपुर में न्यूनतम तापमान 19.3 डिग्री और सतना में 18.2 डिग्री दर्ज किया गया। धार, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सागर, टीकमगढ़ और उमरिया समेत कई शहरों में रात का पारा 17 डिग्री से अधिक रहा।
रंगपंचमी पर बदल सकता है मौसम
गर्मी के बीच राहत की भी उम्मीद है। 4 मार्च से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सक्रिय हो रहे नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर दो दिन बाद मध्य प्रदेश में देखने को मिल सकता है। इसके चलते रंगपंचमी के आसपास कुछ जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। यदि सिस्टम सक्रिय रहता है तो तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव भी हो सकता है।
40 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा
पिछले वर्षों के ट्रेंड पर नजर डालें तो मार्च में दिन गर्म, रातें अपेक्षाकृत ठंडी और बीच-बीच में बारिश का दौर देखने को मिलता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही संकेत मिल रहे हैं। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का तापमान 40 डिग्री तक पहुंच सकता है, जबकि रातें 10 से 17 डिग्री के बीच रह सकती हैं। ग्वालियर में तापमान में उतार-चढ़ाव सबसे ज्यादा देखने को मिलता है।




