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छत्तीसगढ़ में शराब दुकानों पर हजारों की लगी भीड़, सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जियां

रायपर । एएनएन (Action News Network)

छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस के खतरे और लॉकडाउन की पाबंदी के बीच लगभग 42 दिनों के बाद जब सोमवार सुबह शराब की दुकानें खुलीं तो हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ लग गई। राजधानी रायपुर में शराब लेने के लिए लोगों की लंबी लंबी लाइनें देखी जा रही हैं। सघन आबादी वाले जगहों को छोड़ राजधानी के मोवा, सिलतरा, डुमरतराई इलाकों में शराब की दुकानें खोली गई हैं। जहां सुबह 6 बजे से ही सैंकड़ों की संख्या में लोग जुटने शुरु हो गए थे। जो दोपहर 12 बजे तक हजारों में पहुंच गए। भीड़ को संभालने के लिए पुलिस लाठी भी चला रही है। सड़क किनारे लोगों की भीड़ की वजह से ट्रैफिक का भी बुरा हाल है। लगभग 2 किलोमीटर की दोहरी लाइनें लगी हुई हैं।

सोमवार को पहले दिन अधिकतर सरकारी स्टाॅफ शराब लेते नजर आए, वह भी वीआईपी तरीके से। बिना किसी रोक टोक के रायपुर पुलिस, अस्पताल कर्मचारी भी शराब लेने पहुंचे थे। मोवा में ड्यूटी पर लगे पुलिस वाले भी शराब ले रहे थे। भीड़ की हालत यह है कि सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के लिए कोशिश जरूर की जा रही है, लेकिन लोग सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते नजर आए। लोगों के खड़े रहने के लिए घेरा बनाया गया है, लेकिन लोग लाइनों में एक-दूसरे से चिपके खड़े हैं। हालांकि एक्साइज डिपार्टमेंट की तरफ से मौजूद कर्मचारी शराब लेने वालों को सेनेटाइज जरूर करते दिखे।

शराब लेने के लिए मोवा शराब ठेके पर एक कुली मजदूरी करने वाले व्यक्ति ने सवाल पूछे जाने पर बताया कि शराब की दुकान खुलने से हजारों लोगों की जिन्दगी मिल गई है। हालांकि उसने निराशा जतायी कि सरकार ने शराब की कीमतें बढ़ा दी हैं। उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के बीच जब शराब की दुकानें बंद थी, उसी वक्त सरकार ने शराब की कीमतों में इजाफा कर दिया था। शराब की बोतलों में दस रुपये से लेकर 40 रुपये की बढ़ोतरी देखने को मिली। छत्तीसगढ़ में शराब की होम डिलिवरी भी शुरु हो चुकी है। भूपेश सरकार ने एक दिन पहले रविवार को ही इसकी घोषणा की है। लॉकडाउन में शराब की होम डिलिवरी सुविधा देने वाली छत्तीसगढ़ राज्य संभवत: देश का पहला ऐसा राज्य है।

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