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ऑनलाइन ठगी करने वाले तीन आरोपित गिरफ्तार, 36 फर्जी नामों से चालू सिम बरामद

ऑनलाइन ठगी करने वाले तीन आरोपित गिरफ्तार, 36 फर्जी नामों से चालू सिम बरामद
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अशोकनगर पुलिस ने झारखंड के नक्सल क्षेत्र से पकड़ा आरोपितों को, अल्प शिक्षित मगर साइबर तकनीक में माहिर

फर्जी बैंक मैनेजर बनकर एटीएम कार्ड से ओटीपी प्राप्त कर बैंक खातों से उड़ाते थे लाखों रुपये

अशोकनगर। एएनएन (Action News Network)

देश के कई राज्यों में साइबर क्राइम के जरिये ऑनलाइन ठगी कर लोगों के बैंक खातों से लाखों रुपयों पर हाथ साफ करने वाले तीन आरोपितों को झारखंड से गिरफ्तार कर अशोकनगर पुलिस ने बड़ी सफलता अर्जित की है। झारखंड राज्य से गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपितों के पास से पुलिस को दर्जनों एक्टीवेट सिम, फर्जी बैंक खातों के डेबिट कार्ड, पेटीएम कार्ड तथा इंटरनेशनल कार्ड, लैपटॉप, ऐन्ड्रायड एवं आईफोन मिले हैं।

पुलिस कप्तान पंकज कुमावत ने मंगलवार को झारखंड से गिरफ्तार किए गए आरोपितों के बारे में खुलासा कर बताया कि देश के कई राज्यों में लोगों के बैंक खातों से फर्जीबाड़ा कर लाखों रुपये निकालने वाले आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। साइबर क्राइम करने वाला इस तरह का गिरोह झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ के ऐसे क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य करता है, जहां जंगली क्षेत्र में आवागमन के साधन नहीं होते और वह नक्सल प्रभावित क्षेत्र होता है।

ऐसे स्थानों पर आरोपित फर्जी सिम, फर्जी मोबाइल, फर्जी लैपटाप के जरिये आम लोगों के मोबाइल नम्बर प्राप्त कर उनके एटीएम से ओटीपी प्राप्त कर उनके बैंक खातों से लाखों रुपये निकाल लिया करते थे।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपित, फर्जी बैंक मैनेजर बनकर लोगों के एटीएम बंद होना बताकर चालू करने हेतु एटीएम के 16 अंकों का कार्ड नम्बर पूछकर ओटीपी के जरिए इस तरह केसाइबर क्राइम को अंजाम देते थे। बताया गया कि इस तरह के साइबर क्राइम के शिकार अशोकनगर जिले में भी कई लोग हुए हैं।

गत 13 जुलाई 2019 में प्रेमनारायण प्रजापति की इस तरह फर्जी बैंक मैनेजर द्वारा उनका एटीएम बंद होने पर चालू करने व एटीएम नम्बर पूछते हुए 50 हजार रुपये की ठगी हुई थी। जिसपर पुलिस ने प्रकरण दर्ज करते हुए साइबर सेल द्वारा बहुत ही कठिन तकनीकी इस्तेमाल कर फोन नम्बर का पता लगाया गया, तो पता चला कि उक्त मोबाइल नम्बर, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, झारखण्ड के लोगों की फर्जी आईडी नामों से संचालित हो रहे हैं।

बताया गया कि झारखंड के गिरिडीह, जामताड़ा, देवघर, अहिल्यापुर,चामलिति, गाण्डेय व घोस्को क्षेत्र इस तरह के साइबर अपराधियों के गढ़ होने के साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्र भी हैं। पुलिस ने जांच में पाया कि सभी लिंक नंबरों की लोकेशन झारखंड ही है एवं लगभग सभी सिम पश्चिम बंगाल तथा दिल्ली क्षेत्र के विभिन्न कम्पनियों की हैं, जो दूसरे के नाम से जारी की गईं है।

तीन आरोपितों के पास से 36 फर्जी नामों वाले एक्टीवेट सिम मिले

पुलिस द्वारा झारखंड से पकड़े गए आरोपितों में प्रद्युमन मंडल पुत्र जीतन मंडल, विक्रम मंडल पुत्र केहर मंडल निवासी घोस्को जिला गिरिडीह तथा विष्णू वर्मा पुत्र परसादी वर्मा जिला गिरिडीह को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से फर्जी नाम पर एक्टीवेट 36 सिम, फर्जी बैंक खातों के 11 डेबिट कार्ड, पेटीएम कार्ड, इंटरनेशनल कार्ड, तथा एक डेल कंपनी का लैपटॉप, 5 ऐन्ड्रायड स्मार्ट फोन,1आई फोन, 1 स्पोर्ट मोटरबाइक यामहा कीमत डेढ़ लाख, 1 स्पोर्ट मोटरबाइक होण्डा हॉरनेट कीमत 1लाख रुपये मिले हैं । अशोकनगर पुलिस सभी बरामद सामान को साथ लेकर आ गयी है।

10 हजार रुपये का दिया पुरस्कार

पुलिस कप्तान पंकज कुमावत एवं अतिरिक्त पुलिस कप्तान ने कहा कि झारखंड के गिरिडीह जिले के पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र कुमार झा की मदद से गिरफ्तार किए गए आरोपितों को पकडऩे के लिए तीन माह तक मशक्कत करनी पड़ी । इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका में उप पुलिस अधीक्षक राजाराम धाकड़, निरीक्षक नरेन्द्र यादव, सहायक उपनिरीक्षक संजय गुप्ता, विनोद ओझा, पहलवान चौहान, दीपक सिंह बैस, प्रशांत भदौरिया, हेमराज शर्मा, हरओम धाकड़ रहे । सभी को पुरस्कार स्वरूप 10 हजार रुपये देने की घोषणा की गई है ।

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