Top
Action India

टिम्मरसैंण महादेव यात्रियों ने किए बर्फानी बाबा के दर्शन

टिम्मरसैंण महादेव यात्रियों ने किए बर्फानी बाबा के दर्शन
X

जोशीमठ । Action India News

टिम्मरसैंण महादेव बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा उत्तराखंड के नए धार्मिक स्थल के रूप मे उभर रही है। इस साल सावन से अब तक हजारों शिवभक्त यहां पहुंच चुके हैं। अभी तक नवंबर से मई तक ही श्रद्धालु यहां पहुंचते रहे हैं।सीमांत विकास खंड जोशीमठ में पंच केदारों में एक भगवान कल्पेश्वर का पवित्र धाम है।

साथ ही आदि जगद्गुरू शंकराचार्य की तपस्थली में ज्यार्तिमठ शिवालय प्राचीन काल से विद्यमान है। टिम्मरसैंण महादेव की प्राकृतिक गुफा सीमांत धार्मिक एवं पर्यटन नगरी जोशीमठ से करीब 80 किलोमीटर दूर देश के अंतिम गांव नीती के पास है। यह प्राकृतिक गुफा है। सडक मार्ग से मात्र एक किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर यहां आसानी से पंहुचा जा सकता है। इस श्रावण मास में दूर-दूर से शिवभक्त यहां पंहुचे हैं।

शिवभक्त पहले उर्गम घाटी मे विराजमान पंच केदारों मे एक भगवान कल्पेश्वर के धाम मे पंहुच रहे हैं। वहां से वह टिम्मरसैंण महादेव के दर्शनों का पंहुच रहे हैं। दोनों शिवधाम के सड़क संपर्क मार्ग से जुड़ने के बाद तो भक्तों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। नवम्बर में यहां सड़क को आवाजाही के लिए खोल दिया जाता है।

तब टिम्मरसैंण महादेव उत्तराखंड हिमालय के बाबा बर्फानी के रूप मे दर्शन देते हैं। यहां नवम्बर से मई तक बाबा बर्फानी के रूप में तो जून से अक्टूबर तक शिवलिंग के रूप में भगवान के दर्शन होते हैं। मगर इस साल सावन में श्रद्धालुओं की भीड़ देखकर नीती घाटी के ग्रामीण इसे शुभ संकेत मान रहे है।

वर्ष 1962 में भारत-तिब्बत व्यापार इस मार्ग से समाप्त होने के बाद अब टिम्मरसैंण महादेव की पवित्र गुफा से नीती घाटी मे पर्यटन रोजगार की संभावना बढ़ गई है। राज्य के पर्यटनमंत्री सतपाल महाराज भी केंद्रीय पर्यटन मंत्री से मुलाकात कर टिम्मरसैंण महादेव की यात्रा बारह महीनों संचालित करने पर वार्ता कर चुके हैं।

टिम्मरसैंण महादेव में बाबा बर्फानी गुफा मे विराजमान हैं। इस गुफा का स्वरूप कुछ ऐसा है कि ऊपर शिवलिंग है। चारों ओर प्राकृतिक जलधार निरंतर बहती रहती है। शीतकाल मे यही जलधारा भगवान शिव की जटा के रूप मे दिखती है। गढ़वाल के अपर आयुक्त हरक सिंह रावत ने इस दिशा मे काफी सकारात्मक पहल की है।

उनकी मेहनत अब रंग लाती दिख रही है। बदरीनाथ के विधायक महेन्द्र भटट नीती घाटी भ्रमण के दौरान टिम्मरसैंण महादेव के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि टिम्मरसैंण महादेव का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। यहां आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। लोगों का कहना है कि अगर यहां बारह माह यात्रा संचालित होने लगेगी तो ऋषिकेश से नीती घाटी तक के यात्रा मार्ग के कारोबारियों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे नीती घाटी से पलायन भी रुक सकेगा।

Next Story
Share it