Top
Action India

मजदूरों से 12 घण्टे काम करवाने पर सीटू का प्रदर्शन

ऊना । एएनएन (Action News Network)

प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में काम के घण्टों को आठ से बढ़ाकर बारह घण्टे करने के निर्णय की कड़ी निंदा करते हुए सीटू ने जिला के विभिन्न स्थानों पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। सीटू कार्यकर्ताओं ने हाथों में पोस्टर लेकर अपनी मांगों को पूरा करने की गुहार भी लगाई। सीटू प्रदेश कमेटी के आह्वान पर आज ऊना ज़िले में सीटू से सम्बंधित सभी संगठनों ने इस फैसले को मजदूरों के अधिकारों पर कठोर प्रहार करने वाला कदम करार देते हुए रोष प्रदर्शन प्रकट किया।

सीटू ने प्रदेश सरकार को चेताया है कि वह पूंजीपतियों व उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए मजदूर विरोधी नीतियां बनाना बन्द करे अन्यथा वह मजदूरो के उग्र आंदोलनो का सामना करने के लिए तैयार रहे। सीटू जिलाध्यक्ष नीलम जसवाल व महासचिव गुरनाम सिंह मजारा ने कहा है कि प्रदेश सरकार द्वारा काम के घण्टों को आठ से 12 घण्टे करने के खिलाफ पूरे प्रदेश में सीटू के नेतृत्व में गुरुवार को मजदूरो ने प्रदेशव्यापी प्रदर्शन किया। जिसमे जिला ऊना के सीटू से समन्धित सभी संगठनो मिड डे मील ,आशा वर्कर,आंगनवाडी वर्कर और उद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत सभी मजदूरों ने सरकार के इस फैसले का विरोध करते हुऐ सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए रोष प्रदर्शन किया।

गुरनाम सिंह ने कहा है कि कोरोना महामारी व लॉकडाउन के दौर में मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित व पीड़ित हैं। ऐसे समय में प्रदेश की भाजपा सरकार का यह मजदूर विरोधी कदम पूरी तरह से अमानवीय है। उन्होंने कहा कि यह सरकार पूरी तरह से मजदूरों के खिलाफ कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार ने फैक्ट्रीज एक्ट 1948 की धारा 51,धारा 54,धारा 55 व धारा 56 में बदलाव करके साप्ताहिक व दैनिक काम के घण्टों, विश्राम की अवधि व स्प्रैड आवर्ज़ में बदलाव कर दिया है।
इस निर्णय के कारण फैक्ट्रियों में कार्यरत लगभग एक तिहाई मजदूरों की छंटनी होना तय है। अभी आठ घण्टे की डयूटी के कारण फैक्ट्रियों में तीन शिफ्ट का कार्य होता है। बारह घण्टे की डयूटी से कार्य करने की शिफ्टों की संख्या तीन से घटकर दो रह जाएगी जिसके चलते तीसरी शिफ्ट में कार्य करने वाले एक-तिहाई मजदूरों की छंटनी हो जाएगी।

Next Story
Share it