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आधार नंबर की तर्ज पर पशुओं को दिया जा रहा है यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर

आधार नंबर की तर्ज पर पशुओं को दिया जा रहा है यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर
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धमतरी । एएनएन (Action News Network)

पशु संवर्धन, स्वास्थ्य व पोषण सहित अन्य जानकारी एक ही क्लिक में प्राप्त करने के लिए पशुधन विकास विभाग द्वारा भारत सरकार के निर्देश पर धमतरी जिले में भी आधार नंबर की तर्ज पर पशुओं को (यूआईएन) यूनिक आईडेंटिफिकेशन नंबर जारी किया जा रहा है। यह नंबर प्लास्टिक कोटेड कार्ड पशुओं की कान में लगाया जा रहा है।सत्र 2019-20 से यह कार्यक्रम धमतरी जिले में जारी है। शुरुआत में केवल उन्हीं पशुओं को यह टैग लगाया जा रहा था जिनका कृत्रिम गर्भाधान किया गया। टैग नंबर उपलब्ध होने के बाद अब जिन पशुओं का टीकाकरण हो रहा है, उन्हें भी यह टैग लगाया जाने लगा है। इसके साथ ही साथ अन्य जानवरों को भी टैग लगाने की प्रक्रिया जारी है।पशुधन विकास विभाग के उपसंचालक एमएस बघेल ने बताया कि भारत सरकार के निर्देश पर यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

इससे देश में पशु संवर्धन नस्ल सुधार सहित प्रत्येक पशु के स्वास्थ्य की जानकारी एक ही क्लिक में ली जा सकेगी। इसके लिए आईएनएएच पोर्टल बनाया गया है। इसमें पशुओं को टैग लगाने के बाद उसके मालिक का नाम, जानवर का प्रकार, कब-कब उसे टीके लगाए गए हैं, उसका कृत्रिम गर्भाधान हुआ है कि नहीं सहित अन्य जानकारी पोर्टल में लोड की जाती है। पोर्टल में यूआईएन नंबर लोड करते ही देश के किसी भी कोने से पशु के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है। इससे जो लोग पशु की खरीदारी करते हैं उसे भी पशु के बारे में संपूर्ण जानकारी मिल जाएगी। प्रथम चरण में केवल गाय और भैंस का ही टैग नंबर जारी किया जा रहा है। बाद में बैल सांड का भी टैग नंबर जारी किया जाएगा। अन्य जानवरों के लिए टैग लगाने के लिए निर्देश नहीं मिले हैं।उल्‍लेखनीय है कि धमतरी जिले में कुल तीन लाख 39 हजार 687 गाय, भैंस तथा 59 हजार 412 भेंड़, बकरी एवं सुअर हैं।

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