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उन्नाव कांड : विपक्ष ने योगी सरकार को घेरा, नेताओं को अस्पताल से लौटाया गया

उन्नाव कांड : विपक्ष ने योगी सरकार को घेरा, नेताओं को अस्पताल से लौटाया गया
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लखनऊ। एएनएन (Action News Network)

उन्नाव जिले में बलात्कार पीड़िता को जिंदा जलाने की कोशिश की दिल दहला देने वाली घटना पर विपक्ष ने उत्तर प्रदेश सरकार पर बृहस्पतिवार को जमकर हमला बोला। पीड़िता से श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल मिलने गये समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस प्रशासन ने अंदर नहीं जाने दिया । इस घटना पर कांग्रेस ता प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, ''उन्नाव पीड़िता के स्वास्थ्य समाचार से मन आहत है। ईश्वर से प्रार्थना है कि पीड़िता जल्द स्वस्थ हो। कल भाजपा सरकार का बयान था यूपी में सब ठीक है। आज एक बयान और आया। लेकिन क़ानून व्यवस्था के बारे में झूठी बयानबाज़ी व झूठा प्रचार करने की ज़िम्मेदारी सीएम और उप्र सरकार की ही है।''इससे पहले सुबह में गांधी ने ट्वीट किया, "कल देश के गृह मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने साफ-साफ झूठ बोला कि यूपी की क़ानून व्यवस्था अच्छी हो चुकी। हर रोज ऐसी घटनाओं को देखकर मन में रोष होता है। भाजपा नेताओं को भी अब फर्जी प्रचार से बाहर निकलना चाहिए।" प्रियंका गांधी के इस ट्वीट के जवाब में उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी ट्वीट कर कहा ''इस प्रकरण में पीड़िता द्वारा 19 जनवरी 2018 से 12 दिसंबर 2018 के मध्य शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के संबंध में एक एफआईआर पंजीकृत कराई गयी थी, जिसके आरोपी को जेल भेजा गया था जिसे 25 नवंबर 2019 को जमानत प्राप्त हुई थी । आज घटना की सूचना प्राप्त होते ही पुलिस की 112 सेवा ने तत्काल पहुंच कर अस्पताल भिजवाया तथा पीडि.ता द्वारा बताये गये सभी पांच अभियुक्तो को पुलिस ने गिरफतार कर लिया है । विवेचना का परीक्षण आईजी स्तर के अधिकारी द्वारा किया जा रहा है।'' वहीं समाजवादी प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट किया ''उन्नाव की दुष्कर्म पीड़िता को जिंदा जलाये जाने के दुस्साहस की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार का सामूहिक इस्तीफ़ा होना चाहिए। माननीय न्यायालय से गुहार है कि वह इस घटना की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता के समुचित उपचार एवं सुरक्षा की तत्काल व्यवस्था के निर्देश दे।'' अस्पताल में पीड़िता से मिलने आये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार सिंह लल्लू ने पत्रकारों से कहा, '' उत्तर प्रदेश सरकार पर यह कलंक है, निश्चित रूप से जब बलात्कार की घटना हुई थी घटना में जो लोग दोषी थे अगर उनके खिलाफ कार्रवाई हुई थी तो दो महीने के अंदर वह कैसे छूट गये। अपराधियों को सरकार का संरक्षण प्राप्त है। प्रदेश में दुष्कर्म की कई घटनायें सामने आ रही हैं, इससे राज्य शर्मसार हुआ है । मुख्यमंत्री केवल भाषण और बयानों में विश्वास रखते हैं।'' पीड़िता से मिलने गये विधानपरिषद में विपक्ष के नेता (सपा) अहमद हसन ने अस्पताल में पत्रकारों से कहा, ''हम पीड़ितां की सहायता करना चाहते हैं और हमें उसके परिजन से मिलने नहीं दिया जा रहा है। हम पीड़ित परिवार के साथ हैं। सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिये।'' सपा प्रतिनिधि मंडल में सपा विधान परिषद सदस्य सुनील सिंह साजन, राजपाल कश्यप भी मौजूद थे ।वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया है कि पीड़िता को सरकारी खर्च पर हर सम्भव चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए। उन्होंने जिला प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारियों को निर्देशित किया कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर अदालत से सजा दिलवाई जाए। सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक मुख्यमंत्री ने लखनऊ मण्डलायुक्त और पुलिस महानिरीक्षक को तत्काल घटना स्थल का निरीक्षण कर आज शाम तक अपनी रिपोर्ट सौंपने को भी कहा है। पुलिस ने बताया कि मामले में सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़िता ने सुमेरपुर अस्पताल में एसडीएम दयाशंकर पाठक के सामने बयान दिया कि घर से निकलकर वह गौरा मोड़ के पास पहुंची थी तभी पहले से मौजूद गांव के हरिशंकर त्रिवेदी, रामकिशोर त्रिवेदी, उमेश बाजपेयी और रेप के आरोपित शिवम त्रिवेदी, शुभम त्रिवेदी ने उस पर हमला कर दिया और उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी मुकदमा वापस लेने के लिए उस पर दबाव डाल रहे थे।

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