
वेनेजुएला पर अमेरिका का हमला, 4 शहरों में बमबारी, मादुरो ने घोषित की नेशनल इमरजेंसी
काराकस
अमेरिकी सेना ने आखिरकार वेनेजुएला पर हमला बोल दिया है। राजधानी काराकस में शनिवार सुबह तड़के तेज धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। काराकस में मौजूद CNN के पत्रकारों ने धमाकों की पुष्टि की है। पहला धमाका स्थानीय समयानुसार लगभग 1:50 बजे हुआ। शहर के कई इलाकों में बिजली गायब हो गई है। धमाकों के बाद वेनेजुएला की राजधानी में कम ऊंचाई पर उड़ते हुए विमानों की आवाजें सुनाई दी हैं। वहीं, वेनेजुएला के सूत्रों ने स्काई न्यूज अरबिया को बताया कि हवाई हमलों में देश के रक्षा मंत्री के घर और राजधानी काराकस में एक बंदरगाह को निशाना बनाया गया।
वेनेजुएला में इन 5 प्रमुख ठिकानों को अमेरिका ने बनाया निशाना
कोलंबिया के राष्ट्रपति ने वेनेजुएला की राजधानी काराकस में अमेरिकी वायु सेना द्वारा किए गए हमलों से प्रभावित ठिकानों की सूची प्रकाशित की है. इस सूची में सैन्य और सरकारी सुविधाओं के साथ-साथ देश के पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज का मेमोरियल भी शामिल है. अमेरिका ने जिन ठिकानों को एयर स्ट्राइक के जरिए निशाना बनाया उनमें…
फोर्ट ट्यूना – काराकस का मेन मिलिट्री बेस
ला कार्लोटा – काराकस का मेन एयरबेस
एल वोल्कान – मेन रडार स्टेशन
ला गुएरा पोर्ट – वेनेजुएला का प्रमुख बंदरगाह
इगुएरोटे एयरपोर्ट – मिरांडा राज्य का हवाई अड्डा शामिल हैं.
अमेरिका ने अपने नागरिकों को तुरंत वेनेजुएला छोड़ने को कहा
अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए वेनेजुएला की यात्रा नहीं करने की एडवाइजरी जारी की है. इसमें अमेरिकी नागरिकों से कहा गया है, 'वेनेजुएला की यात्रा न करें और न ही वहां ठहरें, क्योंकि वहां आपको गलत तरीके से हिरासत में लेकर प्रताड़ित किया जा सकता है. आपका अपहरण हो सकता है या स्थानीय कानूनों का आपके खिलाफ गलत इस्तेमाल किया जा सकता है. इस समय वेनेजुएला में अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ अपराध, नागरिक अशांति और खराब स्वास्थ्य व्यवस्था का खतरा बहुत अधिक है. वेनेजुएला में रहने वाले सभी अमेरिकी नागरिकों और वैध स्थायी निवासियों को तुरंत वहां से निकलने की सलाह दी जाती है.'
अमेरिका ने कमर्शियल विमानों के वेनेजुएलन एयरस्पेस में जाने पर लगाया बैन
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने वेनेजुएला के हवाई क्षेत्र में चल रही सैन्य गतिविधियों के मद्देनजर अपने कमर्शियल विमानों के ऑपरेशन पर प्रतिबंध लगा दिया है. यह प्रतिबंध वेनेजुएला की राजधानी काराकस में सिलसिलेवार धमाकों की खबरों से कुछ ही समय पहले लगाया गया.
अमेरिकी हमले के बाद वेनेजुएला में नेशनल इमरजेंसी लागू
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने कहा कि इन हमलों का उद्देश्य हमारे देश के रणनीतिक संसाधनों, खासकर तेल और खनिजों पर कब्जा करना और राजनीतिक स्वतंत्रता को बलपूर्वक तोड़ना है. उन्होंने देश में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की है. मादुरो ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी नेशनल डिफेंस प्लान को उचित समय और उपयुक्त परिस्थितियों में लागू किया जाए. साथ ही, उन्होंने देश की सभी सामाजिक और राजनीतिक शक्तियों से इस साम्राज्यवादी हमले के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की अपील की है.
मादुरो के खिलाफ क्यों हैं ट्रंप?
ऐसे में आइए समझते हैं कि अमेरिका के वेनेजुएला पर सीधा हमला करने के पीछे की वजह क्या है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पिछले कुछ समय से वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर दबाव बनाए हुए हैं। अमेरिकी युद्धपोतों को इस दक्षिण अमेरिकी देश के पास तैनात किया गया है, जिसे ट्रंप ने वेनेजुएला के खिलाफ सबसे बड़ी सैन्य तैनाती कहा है। इसके पहले 29 दिसम्बर को ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला की ड्रग्स वाली नावों के लिए एक डॉकिंग एरिया पर हमला किया था, लेकिन उन्होंने हमले की जगह नहीं बताई थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार चेतावनी देते रहे हैं कि अमेरिका वेनेजुएला में कथित ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है और जमीन पर जल्द ही हमले शुरू होंगे। अक्टूबर में ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने CIA को वेनेजुएला के अंदर काम करने की इजाजत दी है, ताकि इस दक्षिण अमेरिकी देश से आने वाले अवैध प्रवासियों और ड्रग्स की बाढ़ पर रोक लगाई जा सके।
क्या है वेनेजुएला और अमेरिका के बीच विवाद?
वेनेजुएला अब तक की सबसे बड़ी नौसैनिक घेराबंदी का सामना कर रहा है. अमेरिका पिछले कई महीनों से कैरिबियन क्षेत्र में अपनी सेना को जमा कर रहा है. USS गेराल्ड आर. फोर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर भी इस अभियान में शामिल है. दोनों देशों के बीच विवाद की मुख्य जड़ तेल और गैस से जुड़ी है. हालांकि अमेरिका का ये भी आरोप है कि वेनेजुएला की सरकार अवैध ड्रग्स के कारोबार में लिप्त है जिसका बुरा प्रभाव अमेरिकी लोगों पर पड़ रहा है.
अमेरिका ने 2025 में ऑपरेशन सदर्न स्पीयर चलाकर कैरिबियन सागर में वेनेजुएला से जुड़े कथित ड्रग तस्करी वाले जहाजों पर हवाई हमले भी किए. अमेरिकी नौसेना के विमान अब तक कम से कम 25 टैंकरों पर हमले कर चुके हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन का सीधा आरोप है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो खुद नशीली दवाओं की तस्करी के अवैध कारोबार से जुड़े हुए हैं.
अमेरिका का दावा है कि मादुरो “नार्को-टेररिस्ट” संगठन चला रहे हैं और अमेरिका में ड्रग्स की तस्करी कर रहे हैं. वेनेजुएला से आने वाली नावों को रोकने के लिए अमेरिका ने नौसैनिक नाकाबंदी लगाई है. अमेरिका ने वेनेजुएला के कई तेल टैंकरों को जब्त किया है और कुछ पर हमला भी किया है. निकोलस मादुरो साल 2023 से ही वेनेजुएला के राष्ट्रपति पद पर काबिज हैं. मादुरो अमेरिका और ट्रंप के विरोधी माने जाते हैं. अमेरिका का ये भी कहना है कि
अमेरिका का ये भी कहना है कि वेनेजुएला का तेल असल में अमेरिका का है और वहां तेल उद्योग का राष्ट्रीयकरण चोरी था. अमेरिका का कहना है कि उनकी तकनीक और पूंजी से वेनेजुएला में तेल उद्योग खड़ा हुआ लेकिन सत्ता में आने के बाद निकोलस मादुरो ने इसे जबरन अपने कब्जे में ले लिया. डोनाल्ट ड्रंप खुद ये कह चुके हैं कि वेनेजुएला को वह सारा तेल, जमीन और अन्य संपत्ति वापस करनी होगी जो पहले हमसे चुराई गई थी.
वेनेजुएला का क्या कहना है?
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो ने आरोप लगाया है कि अमेरिका उसके तेल, सोना और अन्य संसाधनों पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है. मदुरो ने ड्रग तस्करी, तेल और प्रवासन मुद्दों पर अमेरिका से बातचीत की पेशकश भी की है. ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में वेनेजुएला और अमेरिका के बीच तनाव कई गुना बढ़ा है. ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला सरकार को एक विदेशी आतंकवादी संगठन भी घोषित किया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह तनाव युद्ध की ओर बढ़ सकता है.
मादुरो पर गैंग चलाने का आरोप
ट्रंप ने वेनेजुएला के दो अपराधी समूहों- ट्रेन डे अरागुआ और कार्टेल डे लॉस सोल्स- को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कार्टेल डे लॉस सोल्स का नेतृत्व खुद मादुरो करते हैं। यही नहीं, ट्रंप ने मादुरो को पकड़ने वाली जानकारी के लिए इनाम भी दोगुना कर दिया है। मादुरो ने कार्टेल लीडर होने से साफ इनकार किया है और आरोप लगाया है कि अमेरिका उन्हें हटाने और वेनेजुएला के विशाल तेल भंडाल पर कब्जा करने के लिए ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को बहाने के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं।



