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अमेरिका ने दिया चीन को एक और झटका

अमेरिका ने दिया चीन को एक और झटका
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  • ये उत्पाद शिनजियांग के उईगर मुस्लिम समुदाय के यातना शिविरों के हाथों बने थे

लॉस एंजेल्स । Action India News

अमेरिका ने चीन के क़रीब अरबों डालर के आयातित सामान को अपने पोर्ट पर रोक लिया। इस आयातित साजोसामान में उत्तम श्रेणी की कपास, कपड़ा और कपड़े की पोशाक, कंप्यूटर के कल पुर्ज़े आदि से लदे जहाज़ थे, जो सीधे चीनी उईगर बहुल शिनजियांग प्रांत से आए थे।

अमेरिका का आरोप है कि यह आयातित साजोसामान और कम्प्यूटर उपकरण शिनजियांग में उईगर समुदाय के हाथों से बने हैं, जिनसे बंधुआ मज़दूर के रूप में काम लिया जा रहा है। अमेरिका वर्षों से चीनी आकाओं पर यह आरोप लगाता आ रहा है कि शिनजियांग में उईगर मुस्लिम समुदाय को यातना शिविरों में रखा जा रहा है। इन उईगर मुस्लिम समुदाय से ज़बरन बंधुआ मज़दूरों के रूप में काम लेना शी जिनपिंग सरकार की फ़ितरत बन चुकी है।

शिनजियांग कपास की दृष्टि से बड़ा उपजाऊ क्षेत्र हैं, जहां चीन की 85 प्रतिशत कपास पैदा होती है। चीन ने पिछले वर्ष अमेरिका को 50 अरब डालर की कपास, कपड़े और कपड़े की पोशाक निर्यात की थी। शियानजियांग में 'लोप कंट्री हेयर प्रोडेक्ट इंडस्ट्रियल पार्क' सिर के बालों के ढेरों उत्पाद अमेरिका निर्यात करता है। संयुक्त राष्ट्र में भी उईगर मुस्लिम समुदाय की ज्यादितियों के बारे में आवाज़ उठाई जा चुकी है।

उल्लेखनीय है कि चीन के पश्चिमी स्वायत्तशासी शिनजियांग प्रांत में विश्व की पांचवें हिस्से की उत्तम श्रेणी की कपास पैदा होती है। इस कपास के पौधे से कपास निकालने के लिए ''जान डीरी'' नामक मशीनें अमेरिकी हैं। ये मशीनें दोषमुक्त हैं और चीनी मशीनों से बेहतर काम करती हैं। इन मशीनों की मांग क़रीब चार हज़ार गुणा बढ़ गई है।

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