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अमेरिका युद्धोन्मादी और दुनिया को अपनी मुट्ठी में करने वाला : ईरान

अमेरिका युद्धोन्मादी और दुनिया को अपनी मुट्ठी में करने वाला : ईरान
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ईरान में अमेरिका से संबंध टूटने का जश्न, स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी को टूटा दिखाया

दूतावास के बाहर बनीं तस्वीर।
अमेरिकी दूतावास के बाहर की तस्वीर।

  • ईरान-अमेरिकी संबंध को खत्म हुए सोमवार को 40 साल हो रहे हैं, दूतावास को जासूसों की गुफा का नाम दिया
  • दूतावास आम लोगों के लिए खोला, चित्रों में अमेरिका को युद्धोन्मादी और दुनिया को अपनी मुट्ठी में करने वाला बताया

तेहरान। एएनएन (Action News Network)

ईरान अमेरिका से संबंध टूटने के 40 साल का जश्न सोमवार को मनाने की तैयारी कर रहा है। पुराने अमेरिकी दूतावास की दीवारों पर अमेरिका के खिलाफ कुछ नए चित्र लगाए गए हैं। दूतावास को ईरान ने जासूसों की गुफा का नाम दे रखा है और अब संग्रहालय में बदल दिया है। दीवारों पर बनाए गए नए चित्रों में अमेरिका को युद्धोन्मादी और दुनिया को अपनी मुट्ठी में करने पर आमादा बताया गया है।

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ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख मेजर जनरल हुसैन सलामी ने इन नए दीवार चित्रों को आम जनता के लिए खोला। ये चित्र अमेरिकी झंडे के रंगों में पेंट किए गए हैं। जनरल सलामी ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने 1945 में जापान में दो बार परमाणु हथियारों का इस्तेमाल किया था। फिर भी अन्य देशों, विशेष रूप से ईरान को नागरिक परमाणु कार्यक्रम का लाभ उठाने से रोक दिया। ईरान ने 1980 में अमेरिका से संबंध खत्म कर दिए थे।

दूतावास के बाहर बनीं तस्वीर।

अमेरिकी दूतावास के बाहर की तस्वीर।

अमेरिका ने 1945 में जापान में दो बार परमाणु हथियारों का इस्तेमाल किया था। फिर भी अन्य देशों, विशेष रूप से ईरान को नागरिक परमाणु कार्यक्रम का लाभ उठाने से रोक दिया। ईरान ने 1980 में अमेरिका से संबंध खत्म कर दिए थे।

दीवारों पर ऐसे हैं चित्र
एक चित्र में स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी का मशाल लिए हुए हाथ टूटा दिखाया गया है। दीवार पर स्टैच्यू का चित्र भूतिया बनाया। एक में अमेरिकी डॉलर बिल के पीछे दिखाए गए प्रतीक आईऑफ प्राविडेंस के त्रिकोण को खून में डूबा दिखाया है। इसमें खोपड़ियां तैर रही हैं। एक अन्य चित्र में अमेरिकी ड्रोन दिखाया गया है, जिसे जून में ईरान ने मार गिराया था। चौथे चित्र में ईरान का विमान है, जिसे 3 जुलाई 1988 को अमेरिका ने गलती से मार गिराया था। इसमें 290 लोग मारे गए थे।

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