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सोमवार को चिन्हित किए जाएंगे मूक बधिर बच्चे: सीएमओ

सोमवार को चिन्हित किए जाएंगे मूक बधिर बच्चे: सीएमओ
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झांसी। एक्शन इंडिया न्यूज़

जिला अस्पताल में आगामी 26 जुलाई को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत 0-5 वर्ष तक के मूक-बधिर बच्चों का शिविर लगाकर परीक्षण किया जाएगा। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. जीके निगम ने बुधवार को अपने कार्यालय में दी। उन्होंने कहा कि जो 0 से 05 साल के बच्चे बोल और सुन नहीं सकते ऐसे बच्चों का परीक्षण कर उन्हें मुफ्त इलाज मुहैया कराया जायेगा।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. जीके निगम ने बताया, कानपुर स्थित डा. एसएन मेहरोत्रा फाउंडेशन द्वारा जिला अस्पताल में कैंप आयोजित किया जाएगा, जिसमें 0 से 05 वर्ष तक के मूक बाधिर बच्चों का परीक्षण किया जाएगा। परीक्षण के बाद जिन बच्चों को सर्जरी की आवश्यकता होगी उनकी आरबीएसके के अंतर्गत मुफ्त सर्जरी कानपुर में ही कराई जाएगी।

शिविर की जानकारी देते हुए आरबीएसके के डीईआईसी मैनेजर डा. रामबाबू ने बताया कि मूक बधिर श्रेणी में वह बच्चे आते हैं जो बोलने और सुनने में असमर्थ होते हैं। जिन बच्चों में ऐसी समस्या है वह अपना पंजीकरण मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में करा सकते हैं। इसके लिए वह 6394699329 नंबर पर भी संपर्क करके पंजीकरण करा सकते है।

डीईआईसी मैनेजर ने बताया कि इसी तरह का शिविर वर्ष 2019 में भी लगाया गया था, जब लगभग 33 बच्चों को चिन्हित किए गया था। जिसमें से बच्चों की सर्जरी होना अभी भी जारी है अब तक लगभग 08 बच्चों की सर्जरी हो भी चुकी है। डॉ0 रामबाबू बताते हैं कि इस तरह की सर्जरी में लगभग 5-6 लाख रूपय का खर्चा आता है। बहुत से बच्चे अभी फॉलो अप में नहीं आए है, और साथ ही कोविड के कारण सर्जरी में देरी हुयी है। लेकिन हम प्रयासरत है कि जल्द से जल्द सभी बच्चों की सर्जरी करा दी जाए।

क्या है आरबीएसके

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम शून्य से 19 साल तक के बच्चों के इलाज के लिए काम करता है। 04 डी यानी चार तरह के विकार (डिफेक्ट) सहित कुल 40 बीमारियों के लिए परामर्श के साथ इलाज सरकारी खर्च पर कराया जाता है। इसमें हृदय रोग, बहरापन, मोतियाबिंद, कटे होठ-तालू, मुड़े पैर, एनीमिया, दांत टेड़े मेढ़े होना, बिहैवियर डिसआर्डर, लर्निंग डिसआर्डर, डाउन सिंड्रोम, हाइड्रो सिफलिस, न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट आदि बीमारियां प्रमुख हैं। आरबीएसके इन बीमारियो से चिन्हित बच्चो का निःशुल्क इलाज, आपरेशन प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज व उच्चतम इलाज के लिए लखनऊ, कानपुर और अलीगढ़ में कराता है।

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