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अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं के लिये छह सौ करोड़ प्रतिवर्ष खर्च करेगी सरकार : उपेन्द्र रावत

अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं के लिये छह सौ करोड़ प्रतिवर्ष खर्च करेगी सरकार : उपेन्द्र रावत
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लखीमपुर-खीरी। एक्शन इंडिया न्यूज़

पैसों की कमी के चलते उच्च शिक्षा की ओर कदम नहीं बढ़ा पाने वाले अनुसूचित जाति छात्र-छात्राओं को मोदी सरकार ने बुधवार को एक बड़ी सौगात दी है। केन्द्रीय मंत्री मंडल के फैसले के अनुसार अगले पांच वर्षों में पांच करोड़ से अधिक अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को लाभ पहुंचाने के लिये पीएमएसएससी की केन्द्रीय प्रायोजित स्कीम को और बड़े रूपान्तरात्मक परिवर्तनों के साथ अनुमोदित कर दिया गया है। जिससे अब यह सभी छात्र-छात्रायें उच्चतर शिक्षा को सफलतापूर्वक हासिल कर सकेंगे। यह बात लखीमपुर पहुंचे सांसद उपेन्द्र रावत ने भाजपा कार्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान कही।

उन्होंने यह भी बताया कि मंत्रीमण्डल ने 59048 करोड़ रुपये के कुल निवेश को अनुमोदन प्रदान किया है। जिसमें से केन्द्र सरकार 35534 करोड़ रुपये यानी 60 प्रतिशत खर्च करेगी और शेष राशि राज्य सरकारों द्वारा खर्च की जायेगी। यह स्कीम मौजूदा प्रतिबद्ध देयता प्रणाली को प्रतिस्थापित करेगी।

उन्होंने बताया कि एससी जनसंख्या के शैक्षिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में छात्र-छात्राओं के लिये मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति स्कीम भारत सरकार सर्वाधिक एकल हस्तक्षेप है। जिससे आगामी पांच वर्षों के भीतर उच्च शिक्षा राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सके। इस स्कीम में भुगतान की प्रक्रिया व्यापक जवाबदेही पूर्ण निरंतर निगरानी और पूर्ण पारदर्शिता भरी रहे, इसके लिये भी मंत्रीमण्डल ने नियम बनाये हैं। गरीब से गरीब परिवारों के बच्चों को इच्छानुसार उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में नामित करने के लिये एक अभियान चलाया जायेगा। एक अनुमान के अनुसार करीब 1.63 करोड़ ऐसे सबसे गरीब छात्र-छात्रायें हैं जो वर्तमान में हाईस्कूल के बाद अपनी शिक्षा जारी नहीं रख सकें। इन सभी को इसी प्रणाली के अन्तर्गत लाया जायेगा। राज्य पात्रता जातिगत स्थित आधार पहचान तथा बैंक खातों के ब्यौरे की ऑनलाइन पोर्टल पर जांच करायी जायेगी।

उन्होंने बताया कि अभी तक केन्द्रीय सहायता जो वर्ष 2017-18 से 2019-20 के दौरान लगभग 11000 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष थी, उसे 2020-21 से वर्ष 2025.26 के दौरान पांच गुना से अधिक बढ़ा कर लगभग छह हजार करोड़ प्रतिवर्ष किया जायेगा। राज्य सरकारें बड़ी संख्या में एससी छात्र-छात्राओं को लाभ पहुंचाने के लिये महत्वपूर्ण भागेदारी निभायेंगी।

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