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उत्तराखंड में ढाई महीने बाद खुले मंदिर, चारधाम यात्रा के लिए अभी करना होगा इंतजार

उत्तराखंड में ढाई महीने बाद खुले मंदिर, चारधाम यात्रा के लिए अभी करना होगा इंतजार
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  • चारधाम यात्रा के लिए देवस्थानम बोर्ड और जिला प्रशासन की हरी झंडी का करना होगा इंतजार

  • जोखिम क्षेत्रों और देहरादून नगर निगम क्षेत्र में भी अगले आदेश तक रहेगा प्रतिबंध

देहरादून । एएनएन (Action News Network) देहरादून ।

उत्तराखंड में करीब ढाई महीने बाद आज हरिद्वार और ऋषिकेश समेत कई स्थानों पर मंदिरों एवं अन्य धार्मिक स्थलों को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया लेकिन चार धाम यात्रा के मामले में अभी जिला प्रशासन और चारधाम देवस्थानम बोर्ड की हरी झंडी का इंतजार है।

हरिद्वार में आज विश्व प्रसिद्ध हर की पैड़ी पर लोगों का प्रवेश खुल गया। सुबह गंगा आरती में प्रबंध कारिणी संस्था गंगा सभा के पदाधिकारियों सहित कुछ स्थानीय लोगों ने भाग लिया व पवित्र ब्रह्म कुंड में आस्था की डुबकी लगाई। उधर सिद्ध पीठ मनसा देवी व चंडी देवी मंदिर पर भी रौनक दिखी। हालांकि मंदिर पहुंचे स्थानीय लोगों की संख्या काफी कम थी। कनखल स्थित पौराणिक दक्षेश्वर महादेव मंदिर में भी भक्तों की उपस्थिति में भोले भंडारी का रुद्राभिषेक किया गया। इस अवसर पर पूर्व में रोजाना दक्षेश्वर मंदिर जाने वाले मनोज खन्ना ने बताया कि ढाई महीने बाद भगवान के दर्शन कर उन्हें अपूर्व आनंद की प्राप्ति हुई। मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री महंत रवींद्र पुरी ने बताया कि सरकारी गाइडलाइन का पालन कर ही श्रद्धालुओं को मंदिर में दर्शन कराया जा रहा है।

ऋषिकेश में सरकार की गाइड लाइन के अनुसार छोटे बड़े तमाम मंदिर श्रद्धालुओं की पूजा अर्चना के लिए आज खोल दिए गए। इसमें ऋषिकेश बद्रीनाथ मार्ग पर स्थित पर साईं मंदिर में भी दो गज की दूरी बनाकर पूजा की गई। समिति के अध्यक्ष अशोक थापा व महामंत्री वेद प्रकाश धींगरा ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते श्रद्धालुओं को जो परेशानी हुई है, उसका समाधान मंदिर खुलने के बाद साईं बाबा स्वयं कर देंगे। इसी प्रकार मुखर्जी मार्ग पर स्थित गोपाल मंदिर, कैलाश गेट पर मधुबन आश्रम, शीशम झाड़ी स्थित कात्यानी मंदिर, मायाकुंड स्थित कृष्ण कुंज राधा कृष्ण मंदिर में भी पूजा की गई।

चंपावत में पुजारियों द्वारा पूर्णागिरी मंदिर के कपाट आज खोल दिए गए हैं लेकिन व्यवस्थाओं व गाइडलाइन को संभालने की जिम्मेदारी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी है। मंदिर समिति और प्रशासन के बीच वार्ता का दौर जारी है। फिलहाल श्रद्धालुओं के आने का क्रम अभी शुरू नहीं हुआ है। उत्तरकाशी जिला मुख्यालय में शहरी क्षेत्र में मंदिर आज खुल गए। भगवान काशी विश्वनाथ मंदिर, काल भैरव, हनुमान मंदिर, शनि देव मंदिर, कुटे देवी मंदिर सहित तमाम मंदिरों में शिवालयों में भक्तों ने दो गज की दूरी के साथ मंदिर में माथा टेका। इधर काशी विश्वनाथ के पुजारी अजय पुरी ने बताया है कि मंदिर में पहले नगरपालिका के सहयोग से सैनिटाइजर किया गया जिसके बाद शिव भक्तों सामाजिक दूरी का पालन करते हुए भगवान काशी विश्वनाथ के दर्शन किए। उन्होंने कहा है कि आज सोमवार के दिन काशी विश्वनाथ से प्रार्थना की गई कि देश जल्द कोरोना महामारी पर विजय प्राप्त करे। हालांकि गंगोत्री और यमुनोत्री तीर्थों में ट्रांसपोर्ट बहाल न होने से जनपद वासियों ने अभी दर्शन नहीं किए।

नैनीताल का प्रसिद्ध नैना देवी मंदिर आज नहीं खुला। बताया गया है कि राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश अभी प्राप्त नहीं हुए हैं। आगे जिला प्रशासन एवं मंदिर ट्रस्ट के बीच वार्ता के बाद एवं जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने के उपरांत ही मंदिर को खोला जाएगा। इसमें समय लग सकता है। अगले कुछ दिन में मंदिर खुलने की संभावना नहीं जताई गई है। नैना देवी मंदिर के प्रशासनिक अधिकारी सुरेश मेलकानी ने बताया कि मंदिर खुलने में एक सप्ताह का समय भी लग सकता है। उधर नगर के प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर एवं विश्व प्रसिद्ध बाबा नीमकरोरी के कैंची धाम मंदिर 30 जून तक बंद रहने की बात कही गई है। कैंची धाम में 1965 से हर वर्ष 10 जून को आयोजित होने वाला विशाल मेला, जिसमें हर वर्ष करीब 10 लाख श्रद्धालु पहुंचते हैं, पहले ही स्थगित कर दिया गया है।

उधर, चार धाम यात्रा के मंदिर तो पहले से ही खुले हुए हैं, जहां रोजाना पूजा-पाठ की औपचारिकताएं भी पूरी की जा रही हैं लेकिन चारधाम यात्रा शुरू करने के बारे में हक-हकूकधारियों और मंदिरों के पुजारियों ने फिलहाल विरोध जताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि कोरोना संक्रमण के मद्देनजर चार धाम यात्रा पर 30 जून तक विराम लगाया जाना चाहिए। फिलहाल यहां बदरी और केदारनाथ धामों में ऑन लाइन पूजा एवं दर्शन सम्पन्न कराया जा रहा है। राज्य के मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने कल रात जारी दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया था कि चार धाम यात्रा के बारे में देवस्थानम बोर्ड और जिला प्रशासन अंतिम निर्णय करेगा। फिलहाल इसमें बाहरी राज्यों के लोगों के लिए मनाही है।

उसके बाद रुद्रप्रयाग की जिलाधिकारी वंदना चौहान ने ट्वीट कर लोगों को आगाह किया कि जिला प्रशासन द्वारा मानक प्रचालन विधि जारी किए जाने तक कोई भी व्यक्ति केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए न आएं। राज्य में जोखिम वाले क्षेत्रों (कंटेनमेंट जोन) के रूप में चिह्नित इलाकों के अलावा अन्य सभी इलाकों में धार्मिक स्थलों, होटल, रेस्टोरेंट, मठ, मंदिर तथा अन्य पूजा स्थलों को सोमवार से खोलने के बारे में शासन ने कल रात दिशा-निर्देश जारी किए थे। हालांकि देहरादून नगर निगम क्षेत्र में अगले आदेश तक इनके खुलने पर प्रतिबंध जारी रखा गया है।

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