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सीमांत गांव की घायल महिला को कंधे पर लादकर 50 किमी दूर अस्पताल पहुंचाया

सीमांत गांव की घायल महिला को कंधे पर लादकर 50 किमी दूर अस्पताल पहुंचाया
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  • छह दिन तक हेलीकॉप्टर मुहैया नहीं कराने पर ग्रामीणों में सरकार के खिलाफ आक्रोश

धारचूला । Action India News

उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के चीन सीमा से सटे मुनस्यारी तहसील के माइग्रेशन गांव लास्पा गाड़ी निवासी एक महिला को आपदा में गंभीर रूप से घायल होने के बाद 50 किमी. दूर स्थित अस्पताल तक छह दिन बाद पालकी से पैदल पहुंचाया जा सका।

इस मामले में महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए शासन द्वारा हेलीकॉप्टर मुहैया नहीं कराने पर स्थानीय नागरिकों ने तीखी नाराजगी जताई है। हालांकि आईटीबीपी के जवानों ने ग्रामीणों के साथ जिस तरह कंधे से कंधा मिलाकर बारिश के खराब मौसम में घायल महिला को पालकी के माध्यम से पैदल अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, उसे लेकर लोग आईटीबीपी की सराहना कर रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार पिथौरागढ़ की मुनस्यारी तहसील के माइग्रेशन गांव लास्पा गाड़ी चीन सीमा से लगा हुआ है। गांव की रेखा देवी पत्नी लक्ष्मण राम 6 दिन पहले चट्टान से पत्थर आने से घायल हो गयी थी। उसे भारत तिबत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और ग्रामीणों के सहयोग से शनिवार को 50 किमी. दूर मुनस्यारी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जा सका।

मुनस्यारी में उसका इलाज शुरू हो गया है। मुनस्यारी मल्ला जोहार समिति के अध्यक्ष राम सिंह धरमसतु ने इस पर सख्त नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि हमने सरकार से घायल महिला को हेलीकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाने की मदद मांगी थी लेकिन सरकार द्वारा कोई मदद नहीं मिली।

शनिवार को घायल महिला 6 दिन के बाद मुनस्यारी चिकित्सालय पहुंचाई जा सकी है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार चीन सीमा से लगे हुए गांव का उपेक्षा कर रही है जबकि यहां के बाशिंदे असली सीमा प्रहरी हैं।

गांव की प्रधान चन्द्रा देवी ने भारतीय सेना आईटीबीपी के जवानों की तारीफ करते हुए ग्रामीणों की तरफ से कृतज्ञता ज्ञापित की है। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी के जवानों के सहयोग से ही घायल रेखा देवी को 50 किमी. पैदल कन्धे पर पालकीनुमा जुगाड़ बनाकर उसमें बिठाकर 6 दिन बाद मुनस्यारी पहुंचाया जा सका है।

पहाड़ी इलाके में बारिश के मौसम में इन ऊबड-खाबड़ और नदी-नालों वाले दुर्गम रास्तों पर पैदल चलना अत्यंत चुनौतीपूर्ण होता है। इसके मद्देनजर शासन से घायल महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर की मांग की गई थी। उन्होंने शासन द्वारा हेलीकॉप्टर जैसी सुविधा मुहैया नहीं कराये जाने पर तीखी नाराजगी जाहिर की।

ग्राम प्रधान चन्द्रा देवी ने गांव के युवाओं महेन्द्र राम, सुरेन्द्र कुमार, पंकज, कुमार, कैलाश, लक्ष्मण, जितेंद्र और नारायण राम आदि का भी आभार जताया, जिन्होंने आईटीबीपी जवानों के साथ घायल महिला को अस्पताल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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