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मोदी ने कूटनीतिक चाल से चीन को विश्व में अलग-थलग कियाः त्रिवेन्द्र

मोदी ने कूटनीतिक चाल से चीन को विश्व में अलग-थलग कियाः त्रिवेन्द्र
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देहरादून । Action India News

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कूटनीतिक चाल से चीन को विश्व में अलग-थलग करने का कार्य किया है। उन्होंने चीन को लाइन ऑफ एक्चुअल कन्ट्रोल (एलएसी) से पीछे हटने को विवश किया एवं उसकी विस्तारवादी नीति को रोकने का कार्य किया है।

देश की रक्षा के लिए सीमा पर खड़े जवानों पर हमें गर्व है। हमारे सैनिकों ने एलएसी पर चीन के सैनिकों को मुंहतोड़ जवाब दिया। मुख्यमंत्री वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से श्रीनगर विधानसभा की वर्चुअल रैली में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की वजह से पूरा विश्व विषम परिस्थितियों के दौर से गुजर रहा है। इसकी वजह से राज्य को भी काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। कोरोना वायरस से बचाव का सबसे अच्छा तरीका मास्क का इस्तेमाल, फिजिकल दूरी एवं कोरोना से बचाव के लिए जारी गाइडलाइन का अनुपालन है।

उत्तराखण्ड में पर्वतीय जनपदों में लोगों की जागरुकता की वजह से यह काफी नियंत्रित भी रहा है। राज्य में कोरोना पाॅजिटिव का रिकवरी रेट भी अन्य राज्यों की तुलना में बहुत अच्छा है। सतर्कता से ही हम इस वायरस पर पूर्णतः नियंत्रण पा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समय-समय पर साहसिक निर्णय लिये।

उसके परिणामस्वरूप भारत में स्थिति कन्ट्रोल में है। देश में सस्ते दामों पर अत्यधिक मात्रा में पीपीई किट, वेटिंलेटर एवं मास्क बन रहे हैं। आज हम अपनी आवश्यकताओं को पूरी करने के साथ ही इनके निर्यात की स्थिति में हैं।

उन्होंने कहा कि कोरोना की वजह से लोगों को जो आर्थिक परेशानियां हुई हैं, उसके निदान के लिए राज्य सरकार द्वारा हर सम्भव प्रयास किये जा रहे हैं। इस दौरान 3 लाख 27 हजार से अधिक उत्तराखण्ड के लोग अन्य राज्यों से वापस उत्तराखण्ड आये हैं।

उनकी आजीविका के संसाधन बढ़ाने के लिए सरकार द्वार प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना प्रारम्भ करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है। इस योजना के तहत हमने 150 प्रकार के कार्यों को स्वीकृति दी है। पर्यटन, कृषि, विनिर्माण एवं अन्य क्षेत्रों में राज्य सरकार द्वारा साहसिक निर्णय लिये गये हैं।

सीमान्त एवं लघु कृषकों को 3 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों को भी 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। होम स्टे को राज्य में प्रमोट किया जा रहा है। इसके लिए 2200 रजिस्ट्रेशन हुए हैं।

राज्य में पर्यटन के द्वार सभी के लिए खोले गये हैं, बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों को इसके लिए 72 घण्टे के अन्दर का कोरोना मुक्त सर्टिफिकेट दिखाना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में 500 काॅलेज में वर्चुअल क्लास की व्यवस्था की गई है।

700 काॅलेज में और वर्चुअल क्लास की व्यवस्था की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा ई-कैबिनेट की शुरुआत की गई है। देहरादून कलेक्ट्रेट ई-कलेक्ट्रेट बन चुका है। विधानभवन गैरसैंण को भी ई-विधानसभा एवं वहां के सचिवालय को भी ई-सचिवालय बनाया जायेगा।

त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य में केन्द्र से भारत नेट की स्वीकृति मिल चुकी है। इसके तहत राज्य में 2 हजार करोड़ रुपये का निवेश आयेगा। उन्होंने कहा कि सभी प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है।

अटल उत्तराखण्ड आयुष्मान येजना के तहत अभी तक 1 लाख 83 हजार लोग अपना इलाज करा चुके हैं, जिस पर 163 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। पौड़ी जनपद में 15 हजार लोगों ने इस योजना का लाभ लिया है, जिस पर 10 करोड़ 50 लाख रुपये का व्यय हुआ है।

इस योजना के तहत राज्य में अभी तक 40 लाख से अधिक गोल्डन कार्ड बन चुके हैं, जबकि पौड़ी जनपद में 2 लाख 64 हजार गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सैनिक बहुल राज्य है। हमारे सैनिकों ने समय-समय पर अपने शौर्य एवं पराक्रम का परिचय दिया है। हमारे वास्तविक हीरो हमारे सैनिक हैं।

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