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मकर संक्रांति : कोरोना संकट के बीच गंगा स्नान पर रोक

मकर संक्रांति : कोरोना संकट के बीच गंगा स्नान पर रोक
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  • देवताओं की डोलियों का सांकेतिक रूप से कराया गया गंगा स्नान

ऋषिकेश। एक्शन इंडिया न्यूज़

कोविड-19 संकट के बीच मकर संक्रांति पर गंगा स्नान करने वालों पर लगाई गई रोक के बावजूद ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर लोगों की भावनाओं को देखते हुए जहां उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों से आए निशान और देवताओं की डोलियों को सांकेतिक रूप से स्नान कराया गया, वहीं स्थानीय नागरिकों के लिए गंगा स्नान पूरी तरह से प्रतिबंधित रहा।

शुक्रवार को मकर संक्रांति के अवसर पर गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालु गुरुवार की शाम से ही ऋषिकेश पहुंचना प्रारंभ हो गए थे, लेकिन प्रशासन द्वारा कोविड-19 के चलते त्रिवेणी घाट को श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह सील कर दिया गया था। इसके चलते स्थानीय नागरिकों को गंगा स्नान नहीं करने दिया गया। हालांकि प्रशासन ने उत्तराखंड से आने वाली देवताओं की डोलियों के अलावा भाला निशान को धार्मिक दृष्टि से सांकेतिक रूप से सीमित दायरे में रहकर सांकेतिक रूप से पूजा-अर्चना के करने के साथ स्नान कराए जाने की छूट दी गई। इसके चलते ऋषिकेश त्रिवेणी संगम पर षड्दर्शन साधु समाज, अखिल भारतीय सनातन धर्म रक्षा समिति के बैनर तले संत प्रातः काल 4 बजे श्री सिद्ध गणेश भगवान मंदिर के पास पहुंचे। यहां से श्री नर सिहं भगवान और दोनों देवता का स्नान करने के बाद संत देवप्रयाग के लिए रवाना हुए। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष महन्त गोपाल गिरी, प्रदेश अध्यक्ष महन्त भूपेन्द्र गिरी, महन्त भोला गिरी, स्वामी परीक्षित गिरी, स्वामी नन्हे दास, मनोहर स्वामी मौजूद थे।

महन्त गोपाल गिरी ने बताया कि मकर संक्रांति पर गंगा स्नान करने के लिए लगभग 50 महात्मा हरिद्वार में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश से पहुंचे हुए हैं, जिन्हें वहीं रोक दिया गया। मकर संक्रांति पर कोविड-19 का पालन किए जाने के लिए और स्थानीय कोतवाली प्रभारी रवि कुमार सैनी स्वयं प्रातः 4:00 बजे से पुलिस बल के साथ त्रिवेणी घाट पर उपस्थित रहे, जिनके नेतृत्व में ऋषिकेश त्रिवेणी घाट पर जाने वाले सभी मार्गों पर नाकेबंदी की गई थी। जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी हुई है।

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