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सुयोग्य शिष्य करता है गुरुजनों की यश कीर्ति में वृद्धिः हरिचेतनानन्द

सुयोग्य शिष्य करता है गुरुजनों की यश कीर्ति में वृद्धिः हरिचेतनानन्द
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हरिद्वार। एक्शन इंडिया न्यूज़

श्री विशुद्धानन्द आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी सच्चिदानन्द महाराज ने अपने शिष्य स्वामी रामानन्द को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया। इस अवसर पर षड्दर्शन साधु समाज ने उदासीन सम्प्रदाय के स्वामी हरिप्रकाश महाराज की अध्यक्षता में स्वामी रामानन्द महाराज को तिलक चादर देकर उनका पट्टाभिषेक किया।

इस अवसर पर महंत रविदेव शास्त्री के संचालन में आयोजित पट्टाभिषेक समारोह में स्वामी हरिचेतानन्द महाराज ने कहा कि गुरू के प्रति निष्ठा और भक्ति शिष्य को सद्मार्ग की ओर अग्रसर करती है। सुयोग्य शिष्य अपने गुरुजनों की यश कीर्ति में वृद्धि करता है। उन्होंने कहा कि संत रामानन्द महाराज ने अपने गुरु स्वामी सच्चिदानन्द और संस्था के प्रति जो निष्ठा भाव रखा उसी का परिणाम है कि आज संत समाज उन्हें स्वामी सच्चिदानन्द के उत्तराधिकारी के रूप में स्वीकार कर उन्हें अपने आशीर्वाद से अभिसिंचित कर रहा है।

पट्टाभिषेक समारोह की अध्यक्षता करते हुए उदासीन अखाड़े के महामण्डलेश्वर स्वामी हरिप्रकाश महाराज ने कहा कि गुरु शिष्य परम्परा संत समाज की अविरल परम्परा है जिसके अनुसार गुरु अपने श्रेष्ठ शिष्य को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर अपने पद पर प्रतिष्ठित करता है।

श्री विशुद्धानन्द आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी सच्चिदानन्द महाराज ने संत समाज का आभार प्रकट करते हुए कहा कि गरीबदासीय परम्परा से जुड़े श्री विशुद्धानन्द आश्रम की यह परम्परा रही है कि यहां पर संत सेवा, गौ सेवा और धर्म प्रचार का कार्य निरन्तर होता रहता है। आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी अजरानन्द ने जो परम्परा शुरू की थी उसे स्वामी रामानन्द आगे बढ़ायेंगे ऐसा विश्वास है।

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