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काश्तकारों को लॉक डाउन की छूट तो मिली पर देहरादून की मंडियों में उपज पहुंचाने का भाड़ा हुआ दोगुना

काश्तकारों को लॉक डाउन की छूट तो मिली पर देहरादून की मंडियों में उपज पहुंचाने का भाड़ा हुआ दोगुना
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उत्तरकाशी । एएनएन (Action News Network)

जिले की यमुना घाटी में मटर की पैदावार अच्छी हुई है। वैश्विक महामारी के चलते देश में जारी लॉकडाउन में सरकार ने काश्तकारों को भी बड़ी राहत दी। उनकी उपज मंडियों तक पहुंचाने की छूट दी है लेकिन रोड पर गाड़ियां ना चलने के कारण मंडियों तक काश्तकारों की उपज को पहुंचाने के लिए दोगुना किराया देना पड़ रहा है।

जिला उद्यान अधिकारी प्रभाकर सिंह ने बताया कि पुरोला से स्थानीय काश्तकारों की मटर खेतों में तैयार हो चुकी है और अब देहरादून की मंडी में पहुंचने लगी है। जिले की समूची रवांई घाटी में इन दिनों किसान अपनी मटर फसल की तुड़ान करने में लगे हैं। हालांकि मटर की उपज को मंडी तक पहुंचाने के लिए वाहन चालक किसानों से दोगुना किराया वसूल रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

रंवाईघाटी के पुरोला क्षेत्र में इन दिनों मटर की तुड़ाई का काम जोरों पर है। यहां ब्लॉक के दर्जनों गांवों में किसान मटर तोड़ रहे हैं। मटर को मंडी तक पहुंचाने के लिए रूटीन में गाड़ियां नहीं मिल पा रही हैं। किसी तरह जो गाड़ियां मिल रही हैं, तो वह भी मनमर्जी का भाड़ा लेने के चक्कर में ना नुकुर कर रहे हैं। खलाड़ी गांव के कृषक कबूल चंद, धनवीर सिंह, कृपाल सिंह, युद्धवीर सिंह ने बताया कि एक तो मंडी से किसानों की मटर का भाव कम मिल रहा है वहीं दूसरी ओर मंडी में भी व्यापारी कम आने से मंदी बनी है।

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