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केदारनाथ धाम के कपाट 29 अप्रैल को ही खुलेंगे

केदारनाथ धाम के कपाट 29 अप्रैल को ही खुलेंगे
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  • खोलने की तिथि में नहीं होगा कोई परिवर्तन

  • केदारनाथ के शीतकालीन गददीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में आयोजित बैठक में हुआ मंथन

  • 29 अप्रैल को सुबह छह बजकर दस मिनट पर खुलेंगे केदारनाथ के कपाट

  • कपाट खुलने के मौके पर राॅवल भी धाम में रहेंगे मौजूद

  • राॅवल की मौजूदगी में ही खोले जाते हैं धाम के कपाट

रुद्रप्रयाग । एएनएन (Action News Network)

विश्व विख्यात केदारनाथ के कपाट पूर्व निर्धारित तिथि 29 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर ही खुलेंगे। केदारनाथ के कपाट खोलने की तिथि में कोई परिवर्तन नहीं किया गया। बद्रीनाथ के कपाट खुलने की तिथि में परिवर्तन आने के बाद केदारनाथ के कपाट खोलने की तिथि में भी परिवर्तन होने के कयास लगाये जा रहे थे, लेकिन सोशल मीडिया में केदारनाथ पंडा समाज के अलावा स्थानीय जनता की ओर से इसका विरोध किया जा रहा था।

आज बाबा केदार के शीतकालीन गददीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में केदारनाथ के वेदपाठी, पुजारी, हक-हकूकधारी और मंदिर समिति के अधिकारियों की मौजूदगी में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सर्वसहमति से पूर्व निर्धारित तिथि पर ही कपाट खोले जाने का निर्णय लिया गया। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के मौके पर राॅवल भी धाम में मौजूद रहेंगे।

भले ही उन्हें होम क्वारंटाइन किया गया है, लेकिन राॅवल का स्वास्थ्य बिलकुल ठीक होने से उन्हें केदारनाथ जाने दिया जायेगा और उनकी उपस्थिति में केदारनाथ के कपाट खोले जायेंगे। पौराणिक परंपराओं के अनुसार शिवरात्रि के महापर्व पर केदारनाथ के कपाट खोलने की तिथि पंचाग गणना के अनुसार निकाली गई थी और 29 अप्रैल को सुबह छह बजकर दस मिनट पर कपाट खोलने की तिथि निर्धारित की गई थी। इस बीच कोरोना संक्रमण के चलते कपाट खोलने पर संशय मंडरा रहा था।

कोरोना वायरस को देखते हुए बद्रीनाथ धाम के कपाट 30 अप्रैल के बजाय 15 को खोलने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय के बाद केदारनाथ के कपाट खोलने की तिथि आगे करने का अनुमान लगाया जा रहा था। इस संबंध में आज केदारनाथ के शीतकालीन गददीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में गणना की गई और बैठक में तय हुआ कि पूर्व निर्धारित तिथि पर ही केदारनाथ के कपाट खोले जाएंगे। केदारनाथ के कपाट खोलने की तिथि में परिवर्तन करने को लेकर सोशल मीडिया में स्थानीय जनता के अलावा केदारनाथ पंडा समाज की ओर से विरोध के स्वर फूट रहे थे।

अगर कपाट खोलने की तिथि में कोई परिवर्तन आता तो केदारनाथ के इतिहास में पहली बार ऐसा होता और सीधे तौर पर पौराणिक परंपराओं और मान्यताओं के साथ खिलवाड़ होता। देवस्थानम बोर्ड के सीईओ बीडी सिंह ने कहा कि बैठक में लिये गये निर्णयानुसार 29 अप्रैल को सुबह छह बजकर दस मिनट पर ही केदारनाथ के कपाट खोले जाएंगे।

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