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सल्फी पिलाने में सोशल डिस्टेंस अपना रहे हैं ग्रामीण

सल्फी पिलाने में सोशल डिस्टेंस अपना रहे हैं ग्रामीण
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जगदलपुर। एएनएन (Action News Network)

देशभर में कोरोना वायरस की महामारी की जानकारी ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच चुकी है। ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी सोशल डिस्टेंस का पालन कर रहे हैं, ऐसा ही एक नजारा देखने को मिला जहां ग्रामीण सल्फी पिलाने के लिए बकायदा एक पाइप का उपयोग कर सोशल डिस्टेंस बनाते हुए पाईप के माध्यम से दूसरे ग्रामीण को सल्फी पिला रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां ताड़ी, सल्फी एवं छिंदरस के पेड़ होते हैं, उसके नीचे बैठकर साल के पत्ते की चिपड़ी बनाकर ग्रामीण इसका सेवन करते हैं। ऐसी मान्यता है कि सल्फी पेड़ के नीचे बैठकर सल्फी पीने से इसकी मादकता बढ़ जाती है।

बस्तर संभाग में बड़ी संख्या में सल्फी ताड़ी और छिंद रस बड़े पैमाने पर निकाला जाता है और इसे ग्रामीण स्तर पर बेचा जाता है। गर्मियों में इसकी मांग सबसे ज्यादा होती है। प्राकृतिक रूप से पेड़ों से निकाले जाने वाले मादक रस ताड़ी सल्फी एवं छिंद रस का सेवन स्थानीय ग्रामीण करते है। वैसे बस्तर का ग्रामीण क्षेत्र कोरोना वायरस को लेकर कुछ ज्यादा ही सतर्क है। लगभग सभी ग्रामों में बकायदा प्रवेश सड़क पर नाका लगाकर बाहरी व्यक्ति को प्रवेश करने से प्रतिबंधित कर रखा है।

इसके साथ ही सल्फी पिलाने के लिए पाइप का उपयोग करते हुए दूरी बनाकर सोशलडिस्टेंस का पालन करते ग्रामीण को देखने के बाद यह कहा जा सकता है कि कोरोना वायरस का प्रकोप बस्तर में देखने को नहीं मिलेगा। यह अच्छी बात है कि ग्रामीण क्षेत्र में अब जागरूकता के मामले में महानगरों से पीछे नहीं है। इसका कारण यह है कि लगभग प्रत्येक गांव में बिजली की व्यवस्था होने से सभी ग्रामीण क्षेत्रों तक टीवी की पहुच हो गई है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली समस्त गतिविधियां रोजाना बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों तक आसानी से पहुंच रही है।

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