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पूर्व चीफ जस्टिश ए के त्रिपाठी की मौत से भोजपुर में शोक की लहर,पैतृक गांव बड़हरा के लोगो की आंखें हुई नम

पूर्व चीफ जस्टिश ए के त्रिपाठी की मौत से भोजपुर में शोक की लहर,पैतृक गांव बड़हरा के लोगो की आंखें हुई नम
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आरा । एएनएन (Action News Network)

पटना हाई कोर्ट के न्यायाधीश ,छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायाधीश और अब लोकपाल के सदस्य जैसे महत्वपूर्ण पदों की शोभा बढ़ाने वाले भोजपुर की मिट्टी के लाल जस्टिश अजय कुमार त्रिपाठी की कोरोना से हुई मौत से जिले में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके गांव बड़हरा और जिले के लोगो को अब भी विश्वास नही होता कि न्यायीक सेवा के एक ईमानदार योद्धा को कोरोना ने असमय लोगो से छीन लिया है।

लोकपाल सदस्य जस्टिस एके त्रिपाठी का कोरोना वायरस संक्रमण से निधन की खबर ने सबको झकझोर कर रख दिया है। वह कुछ दिनों से देश की राजधानी दिल्ली के एम्स में भर्ती थे। देश में कोरोना वायरस के कारण हुई यह पहली हाईप्रोफाइल मौत है। पटना हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिश और फिर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रह चुके एके त्रिपाठी ने जयप्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में शनिवार की रात आठ बजे अंतिम सांस ली। 62 वर्षीय जस्टिस ए के त्रिपाठी गत दो अप्रैल से एम्स में भर्ती थे। वह लोकपाल के चार न्यायिक सदस्यों में से एक थे।

जस्टिश त्रिपाठी के साथ ही कोरोना वायरस से संक्रमित उनकी बेटी अभी भी एम्स में कोरोना से जंग लड़ रही है। जस्टिश ए के त्रिपाठी के पारिवारिक सूत्रों के अनुसार कोरोना की संक्रमण की चपेट में आने और हालत बिगड़ने के बाद जस्टिस त्रिपाठी पिछले तीन दिनों से वेंटिलेटर पर थे। उन्होंने शनिवार रात आठ बजे अंतिम सांस ली। जस्टिश त्रिपाठी पिछले महीने कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे और एम्स में भर्ती किए जाने के बाद से ही वह आईसीयू में थे। बाद में उन्हें ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया।

जस्टिस त्रिपाठी ने बिहार में एक अतिरिक्त महाधिवक्ता के रूप में भी काम किया था। बाद में उन्हें पटना हाईकोर्ट में न्यायाधीश और फिर मुख्य न्यायाधीश बना दिया गया। उन्हें पिछले साल मार्च में लोकपाल का न्यायिक सदस्य नियुक्त किया गया था। जस्टिश ए.के त्रिपाठी के पारिवारिक सूत्रों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार दिल्ली जबकि श्राद्ध कर्म बोकारो में को-ऑपरेटिव कॉलोनी स्थिति आवास पर होना तय हुआ है।

ए के त्रिपाठी का परिवार मूल रूप से भोजपुर जिले के बड़हरा गांव का रहनेवाला है। अजय कुमार त्रिपाठी झारखण्ड के बोकारो में इंटक को मुकाम तक पहुंचाने वाले स्व. पंडित परमानंद त्रिपाठी के पौत्र थे। बोकारो स्टील सिटी कॉलेज और बोकारो के सुप्रसिद्ध राम मंदिर की स्थापना में भी पंडित परमानंद त्रिपाठी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बोकारो का राम मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध मंदिर के रूप में जाना जाता है। जस्टिस अजय कुमार त्रिपाठी के पिता समाजसेवी हरिनारायण त्रिपाठी फिलहाल बोकारो में राम मंदिर के संरक्षक हैं।जस्टिश अजय के दो छोटे भाइयों में एक विजय कुमार त्रिपाठी झारखंड सरकार में अपर मुख्य सचिव हैं तो दूसरे भाई अभय कुमार त्रिपाठी रक्षा मंत्रालय में अपर मुख्य सचिव हैं।

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