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खराब मौसम में 12 घंटे फंसा रहा युद्धपोत जलाश्व, अब हुआ माले से रवाना

खराब मौसम में 12 घंटे फंसा रहा युद्धपोत जलाश्व, अब हुआ माले से रवाना
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  • 588 भारतीयों को लेकर रविवार सुबह पहुंचेगा कोच्चि बंदरगाह

नई दिल्ली । एएनएन (Action News Network)

भयंकर तूफान और बारिश के बीच 12 घंटे फंसे रहने के बाद शनिवार सुबह 588 भारतीय नागरिकों को लेकर नौसेना का युद्धपोत आईएनएस जलाश्व मालदीव की राजधानी माले से भारत के लिए रवाना हो सका।

पर्यटक स्थल मालदीव में फंसे भारतीयों को जहाज पर सवार करने के बाद करीब 12 घंटे तक नौसेना का युद्धपोत आईएनएस जलाश्व माले बंदरगाह पर खड़ा रहा। शुक्रवार शाम को खराब मौसम की वजह से रोका गया जहाज रात भर अनुकूल वेदर होने का इंतजार करता रहा लेकिन भारतीयों की सुरक्षा को देखते हुए कोच्चि के लिए रवाना नहीं किया जा सका।

नौसेना के प्रवक्ता ने बताया कि शनिवार को सुबह 6 बजे आईएनएस जलाश्व 588 भारतीयों को लेकर मालदीव की राजधानी माले के बंदरगाह से भारत के लिए रवाना हो गया है। यह जहाज कल सुबह कोच्चि पोर्ट पर पहुंचेगा। खराब मौसम के बावजूद हर संभव प्रयास करके शुक्रवार की शाम को माले के बंदरगाह पर भारतीयों को जहाज पर सवार तो कर दिया गया लेकिन रवानगी के वक्त समुद्र में उठती लहरों को देखते हुए चलने से रोक दिया गया था।

उन्होंने बताया कि तेज हवाओं की वजह से कल का मौसम बेहद खराब था। जहाज पर सवार 588 भारतीयों (6 गर्भवती महिलाएं और बच्चों) की सुरक्षा को देखते हुए कल शाम जहाज की रवानगी रोक दी गई। करीब 12 इंतजार करने के बाद अनुकूल मौसम होने पर आज सुबह जहाज माले से रवाना हो सका है। भारी बारिश और तेज हवाओं के बीच गुरुवार की रात आईएनएस जलाश्व माले के लंगरगाह पर पहुंचा था। शुक्रवार सुबह यात्रियों को सवार करने के लिए माले के बंदरगाह पर आईएनएस जलाश्व पहुंचा। भारतीयों को जहाज पर चढ़ाने का अभियान शुरू होने से पहले ही माले में बारिश और तूफान की वजह से मौसम काफी खराब हो गया। भयंकर तूफान और खराब मौसम ने औपचारिकताओं को पूरा करने की प्रक्रिया में भी खलल डाला।

नौसेना के जहाज से भारत आने वाले यात्रियों की चेक-इन और जांच-पड़ताल वेलना एयरपोर्ट पर पूरी की गई। इसके बाद नौसेना की बसों से उन्हें बंदरगाह पर पहुंचाया गया। महिलाओं और बच्चों को बाहर निकालने में प्राथमिकता दी गई। बंदरगाह पर पहुंचने वाले यात्रियों को जहाज पर सवार करने से पहले सेनेटाइज किया गया और स्वस्थता की पहचान के लिए उनके हाथों में एक मुहर भी लगाई गई। जहाज पर चढ़ने से पहले उनका सामान अलग से लोड करने की व्यवस्था की गई।
पहले चरण में इससे पहले आईएनएस जलाश्व ने 10 मई को 698 भारतीय नागरिकों को माले से सुरक्षित निकालकर कोच्चि पहुंचाया था। आईएनएस मगर भी 202 नागरिकों को माले से कोच्चि वापस ला चुका है। इस तरह भारतीय नौसेना अब तक 900 भारतीय नागरिकों को माले से निकालकर भारत वापस ला चुकी है।

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