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हिमाचल : दो दिन आंधी, बारिश व ओलावृष्टि की चेतावनी, येलो और आरेंज अलर्ट जारी

शिमला । एएनएन (Action News Network)

हिमाचल प्रदेश में मौसम एक बार फिर अपना रूख पलटेगा। मौसम विभाग ने अगले दो दिन राज्य के अनेक हिस्सों में बादलों की गड़गड़ाहट व अंधड़ के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि राज्य के मैदानी व मध्यम उंचाई वाले क्षेत्रों में पांच व छ मई को 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफतार से अंधड़ चलेगा, जिसके साथ-साथ तेज ओलावृष्टि भी हो सकती है। इसे लेकर येलो व आरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

सिंह ने बताया कि अगले 24 घंटों में मध्यम उंचाई वाले क्षेत्रों में आने वाले छह जिलों शिमला, सोलन, चंबा, कुल्लू, सिरमौर और मंडी में आरेंज अलर्ट रहेगा। वहीं मैदानी क्षेत्रों ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर सहित कांगड़ा जिला के नूरपुर, ज्वाला व देहरा, सोलन जिला के नालागड़, बददी, अर्की व कुनिहार और सिरमौर जिला के नाहन व पांवटा साहिब में येलो अलर्ट जारी किया गया है। छह मई को भी मैदानी व मध्यवर्ती इलाकों में येलो अलर्ट रहेगा। इन दो दिनों के दौरान लोगों को आसमानी बिजली कड़कने की आशंका के चलते लोगों को सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।
उन्होंने कहा कि सात मई को भी पूरे प्रदेश में मौसम खराब रहेगा। हालांकि आठ मई को मौसम के साफ होने की संभावना है। मैदानों में नौ मई को भी मौसम साफ रहेगा। लेकिन मध्यवर्ती व उच्च पर्वतीय इलाकों में बारिश व बर्फबारी की संभावना है। 10 मई को समूचे प्रदेश में मौसम फिर खराब रहेगा।

मौसम विभाग का यह पूर्वानुमान किसानों-बागवानों के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है। मैदानी इलाकों में किसानों को गेहूं की फसल के नुकसान का डर सताने लगा है। हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी इत्यादि जिलों में इन दिनों किसानों की कटाई व पिसाई का कार्य चरम पर है। दूसरी तरफ शिमला सहित पर्वतीय क्षेत्रों में बेमौसमी बारिश-ओलावृष्टि से सेब, मटर, प्लम इत्यादि फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। किसानों-बागवानों को सबसे अधिक डर ओलावृष्टि को लेकर लग रहा है। अप्रैल माह में हुई भारी ओलावृष्टि से राज्य में फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। बीते 24 घंटों के दौरान नाहन में सर्वाधिक 47 मिमी बारिश दर्ज की गई। सोलन में 45, कोठी में 20, खदराला और संगड़ाह में 16, कुमारसेन व पालमपुर में 14, बंजार व रेणुका में 12, टिंडर में 11, मनाली व कसौली में 10, सलूणी व गुलेर में नौ, जतौन बैरेज, जोगेंद्रनगर में आठ, भरमौर, बैजनाथ और सियोबाग में सात मिमी बारिश हुई है।

अहम बात यह रही कि जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के मुख्यालय में छह सेंटीमीटर ताजा हिमपात भी हुआ। इस वजह से केलंग में पारा 0.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया और यह राज्य में सबसे ठंडा स्थल रहा। इसके अलावा किन्नौर के कल्पा में 5.7, मनाली व कुफरी में 7.8, शिमला में 11.6, डल्हौजी में 11.8, पालमपुर में 12, सोलन में 12.4, धर्मशाला में 13.4, भुंतर में 13.5, चंबा में 13.8, सुंदरनगर में 15.3, बिलासपुर में 16, हमीरपुर में 16.2, कांगड़ा में 16.9 और ऊना में 18.4 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया।

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