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प्लास्टिक फुटप्रिंट कम करने के लिए मुंबई सेंट्रल मंडल के स्टेशनों पर लगाई जाएंगी 25 और प्लास्टिक बॉटल क्रशिंग मशीनें

प्लास्टिक फुटप्रिंट कम करने के लिए मुंबई सेंट्रल मंडल के स्टेशनों पर लगाई जाएंगी 25 और प्लास्टिक बॉटल क्रशिंग मशीनें
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  • 16 बाॅटल क्रशिंग मशीनें पहले से ही स्थापित तथा सीएसआर के जरिये 6 और मशीनें लगाने की प्रक्रिया जारी

मुंबई । एएनएन (Action News Network)

भारतीय रेल द्वारा विभिन्न स्टेशनों पर निकले प्लास्टिक कचरे को इको फ्रेंडली तरीके से कम करने, रिसाइकिल करने और निपटाने के लिए कई स्तरों पर पहल की गई है। पश्चिम रेलवे इस पहल को सही दिशा में आगे ले जाने में हमेशा अग्रसर रही है तथा इसने पर्यावरण के संरक्षण के लिए अनेक कारगर उपायों की शुरुआत की है।

ऐसी ही एक शानदार पहल के अंतर्गत प्लास्टिक कचरे को जिम्मेदार तरीके से निपटाने के लिए यात्रियों को प्रेरित करने की दृष्टि से मुंबई डिवीजन के विभिन्न स्टेशनों के प्रमुख स्थानों पर प्लास्टिक बॉटल क्रशिंग मशीनों (पी बी सी एम) को इंस्टॉल किये जाने का निर्णय लिया गया है।

इसी क्रम में, यह तय किया गया है कि ऐसी 25 और मशीनें नॉन फेयर रेवेन्यू (एन एफ आर) मॉड्यूल के अंतर्गत निकट भविष्य में पश्चिम रेलवे के मुंबई मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर स्थापित की जाएंगी।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी रविन्द्र भाकर के अनुसार पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक आलोक कंसल के कुशल नेतृत्व में पश्चिम रेलवे द्वारा अनेक विशिष्ट प्रयास और पहल निरंतर की जाती रही हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि कुल 16 बॉटल क्रशिंग मशीनें सीएसआर के अंतर्गत मुंबई सेंट्रल मंडल के विभिन्न स्टेशनों चर्चगेट (1), मुंबई सेंट्रल (3), बांद्रा टर्मिनस (2), अंधेरी (2), बोरीवली (1), वापी (1), वलसाड (1), नवसारी (1), उधना (1), सूरत (3) पर पहले ही स्थापित की जा चुकी हैं तथा 6 और मशीनों को सीएसआर के अंतर्गत चर्चगेट (1), चर्नी रोड (1), मुंबई सेंट्रल (1), दादर (1), वसई रोड (1) और वलसाड (1) स्टेशनों पर स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है।

भाकर ने बताया कि यदि इन प्लास्टिक बॉटल क्रशिंग मशीनों को व्यय मॉड्यूल के जरिये खरीदा जाता है, तो प्रति मशीन की लागत 3,50,000/- रु. होगी, जिसमें मशीन की लागत के साथ ही अन्य आकस्मिक व्यय भी शामिल है। व्यय मॉड्यूल के जरिये प्लास्टिक बॉटल क्रशिंग मशीन की खरीद करने के बजाय मुंबई मंडल ने व्यय पर नियंत्रण और गैर-किराया राजस्व के अर्जन के दोहरे उद्देश्य से आमदनी मॉड्यूल पर इन मशीनों को लेने का निश्चय किया है, जिसके अंतर्गत प्लास्टिक बॉटल क्रशिंग मशीन प्रोवाइडर इन मशीनों पर विज्ञापनों को डिस्प्ले करके आमदनी हासिल करेगा। साथ ही, उसे इन मशीनों में एकत्रित प्लास्टिक फ्लेक्स की बिक्री करके भी आमदनी होगी।

पश्चिम रेलवे के मुंबई मंडल की नॉन फेयर रेवेन्यू (एन एफ आर) टीम ने कोविड-19 महामारी के इस चुनौतीपूर्ण समय में हर मुश्किल का बहादुरी से सामना किया है और 82,985/- रु. की 5 वर्ष की आमदनी क्षमता वाले 15,000/- रु. प्रतिवर्ष के एक ऑफर को हासिल करने में भी सफल रही है, जिसके अंतर्गत बोलीकर्ता 16 स्टेशनों अर्थात चर्चगेट (4), मुंबई सेंट्रल (3), लोअर परेल (1), प्रभादेवी (1), दादर (2), माटुंगा रोड (1), माहिम (1), बांद्रा (1), बांद्रा टर्मिनस (2), अंधेरी (2), मालाड (1), कांदिवली (1), बोरीवली (2), वसई रोड (1), नालासोपारा (1) एवं विरार (1) पर लगभग 3,50,000/- रु. प्रति मशीन की दर से 25 प्लास्टिक बॉटल क्रशिंग मशीनें उपलब्ध करायेगा और उनका अनुरक्षण भी करेगा।

इस सराहनीय प्रयास से पश्चिम रेलवे ने न केवल लाइसेंस शुल्क के रूप में 82,985/- रु. (5 वर्ष की आमदनी क्षमता) तक का अतिरिक्त राजस्व हासिल किया है; बल्कि इन मशीनों की खरीद पर होने वाले कुल व्यय लगभग 87,50,000/- रु. की भी बचत की है।

भाकर ने यह भी जानकारी दी कि पश्चिम रेलवे सिंगल यूज प्लास्टिक मदों पर पूरी पाबंदी का पूर्ण समर्थन करती है, अतः स्टेशन परिसरों में प्लास्टिक कप, ग्लास, प्लेट आदि के इस्तेमाल को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

पश्चिम रेलवे द्वारा पर्यावरण पर प्लास्टिक से होने वाले दुष्प्रभावों के सम्बंध में समय-समय पर “नो प्लास्टिक” जागरूकता अभियान भी चलाये जाते हैं। आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य हेतु प्राकृतिक सम्पदा संरक्षण के इस पुनीत कार्य में अपने सभी सम्माननीय ग्राहकों से सहयोग का अनुरोध पश्चिम रेलवे द्वारा किया गया है।

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