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इस दुख की घड़ी में क्यों निर्दयी हुए बिल्डर

इस दुख की घड़ी में क्यों निर्दयी हुए बिल्डर
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नई दिल्ली एएनएन (Action News Network)

जहां एक तरफ कोरोना जैसे वैश्विक महामारी से समस्त मानव जाति पहले से ही त्राहिमाम कर रही है, वहीं कुछ जगह ऐसे खबरें मिल रहीं हैं जो जले पर नमक छिड़कने का काम कर रही हैं। हम बात कर रहे हैं दिलवालों की नगरी दिल्ली की।

ताज़ा मामला दिल्ली के आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र का है। इस क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आदर्श नगर, मजलिस पार्क, केवल पार्क, महेंद्रा पार्क और इससे सटे कई इलाकों में बिल्डरों की क्रूरता देखने को मिल रही है। जब से लॉकडाउन हुआ है, तब से इन बिल्डरों ने अपने चौकीदारों और उनके परिवारों की सुध लेना ही छोड़ दिया है। इनकी निर्ममता का क्रूर रूप देखिये कि इन्होंने अपने चौकीदारों के फ़ोन तक उठाने छोड़ दिये है। अपने और अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए यह लोग अब समाजसेवियों और दानदाताओं पर आश्रित हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि न तो इनके पास राशन बचा है और नाही पैसे। ऐसे में दूसरों पर आश्रित रहना ही इनके पास एकमात्र विकल्प है।

सुभाष दीक्षित और उनकी टीम

आदर्श नगर क्षेत्र के युवा समाजसेवी अनुभव धीर और उनकी टीम ने क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों में सेनीटाईज़ और खाद्य सामग्री वितरण के दौरान बिल्डरों का ऐसा भयावह चेहरा देखा। अपना अनुभव साझा करते हुए अनुभव धीर ने बताया कि एक जगह तो एक परिवार दो दिन से भूखा था। उनके पास ना पैसे थे और ना ही राशन। उसका बिल्डिंग मालिक फ़ोन नही उठा रहा था। धीर ने बताया कि यही समस्या कई और जगह भी देखने को मिली। अब हम ऐसे परिवारों को नियमित रूप से खाद्य सामग्री का वितरण कर रहे हैं। धीर ने आम लोगों से भी अनुरोध किया है कि वे अपने आस-पास ऐसे लोगों की आगे बढ़कर मदद करें।

अनुभव धीर

वहीं, मजलिस पार्क rwa के प्रधान सुभाष दीक्षित ने भी ऐसे कुछ प्रकरण की जानकारी मिलने की बात कही। दीक्षित ने बताया कि हमने rwa के जिम्मेदार पदाधिकरियों को इस बारे में सूचित कर दिया है। हम सब मिलकर ऐसे ज़रूरतमंद लोगों की मदद करेंगे।

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