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मनरेगा में 26 लाख से अधिक मजदूरों को मिल रहा रोजगार

मनरेगा में 26 लाख से अधिक मजदूरों को मिल रहा रोजगार
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  • 10 हजार से अधिक पंचायतों में काम जारी

रायपुर । एएनएन (Action News Network)

ग्रामीणों को गांवों में ही रोजगार उपलब्ध कराने 26 लाख से अधिक जरूरतमंद मजदूरों को मनरेगा में काम मिला है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गांवों में मनरेगा के जाॅब कार्डधारी अधिक से अधिक श्रमिकों को काम उपलब्ध कराने और प्रवासी मजदूरों की घर वापसी और उनकी एकांतवास अवधि पूरी होने के बाद काम की मांग करने वालों को तत्काल रोजगार उपलब्ध कराने की तैयारी रखने के निर्देश भी दिए हैं। सभी जिलों में प्रशासन द्वारा मुस्तैदी के साथ इसकी तैयारी की जा रही है।

कोविड-19 के नियंत्रण के लिए लागू देशव्यापी लाॅकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) काफी कारगर साबित हो रही है। मनरेगा में काम करने वाले श्रमिकों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। मनरेगा के जारी प्रतिवेदन के अनुसार छत्तीसगढ़ की 11 हजार 668 ग्राम पंचायतों में से 10 हजार 203 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के 44 हजार 833 कार्य चल रहे हैं, जिनमें 26 लाख 10 हजार 155 श्रमिक काम कर रहे हैं। जिन श्रमिकों को मनरेगा के जाॅब कार्ड जारी किए गए हैं, उनमें से लगभग 79 प्रतिशत मजदूर वर्तमान में कार्यरत है।

प्रदेश में अभी संचालित मनरेगा कार्यों में कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के सभी उपायों और केंद्र एवं राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है। मनरेगा टीम और पंचायतों के सहयोग से सभी कार्यस्थलों में सामाजिक एवं शारीरिक दूरी बरतते हुए मास्क या कपड़े से चेहरा ढंकने तथा साबुन से हाथ धुलाई के निर्देशों का गंभीरता से पालन करवाया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा कार्यस्थलों का सतत निरीक्षण कर इसकी मॉनिटरिंग भी की जा रही है।

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