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हमीरपुर: हजारों प्रवासियों के वाहनों को रोकने से बार्डर पर मजदूरों ने किया हंगामा

हमीरपुर:  हजारों प्रवासियों के वाहनों को रोकने से बार्डर पर मजदूरों ने किया हंगामा
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  • हजारों प्रवासियों के वाहनों को रोकने से बार्डर पर मजदूरों ने किया हंगामा

  • भूखे प्यासे प्रवासियों ने कोई इंतजाम न होने से सड़क पर की नारेबाजी

  • पुलिस ने मजदूरों के तेवर देख निजी वाहनों को सीमा में दिया प्रवेश

हमीरपुर । एएनएन (Action News Network)

हमीरपुर और जालौन बार्डर पर रविवार को सुबह प्रवासियों मजदूरों के वाहनों को रोके जाने से हजारों मजदूर भड़क गये और बार्डर पर हंगामा शुरू कर दिया है। हालांकि पुलिस प्रवासियों को रोडवेज बसों से घरों तक भिजवाने का आश्वासन दे रही, लेकिन प्रवासी नहीं मान रहे हैं। इस बीच प्रवासियों के कई वाहन बार्डर से सीमा के अंदर प्रवेश कर गये हैं।

बता दें कि महाराष्ट्र, हरियाणा, छत्तीसगढ़ व झारखंड सहित अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में प्रवासी हल्के और भारी वाहनों से घर लौट रहे है। हजारों की संख्या में प्रवासियों से भरे वाहनों को सरकार के निर्देश पर आज जनपद के बार्डर पर पुलिस ने रोक दिया है जिससे हजारों मजदूर आक्रोशित होकर हंगामा शुरू कर दिया है। मजदूरों के समझाने में पुलिस कोशिश कर रही है लेकिन उन पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।

मजदूरों ने बताया कि बार्डर पर न तो पीने के पानी का इंतजाम है और न ही खाने की कोई व्यवस्था फिर यहां रुकने से क्या लाभ। प्रवासियों ने बताया कि पिछले कई दिनों से सभी लोग भूखे प्यासे है और ऐसे में बार्डर पर रोककर उनकी तकलीफ और बढ़ायी जा रही है। मजदूरों ने कहा कि निजी वाहनों से घर जाने पर भी रोक लगाकर पुलिस मनमानी कर रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुये कुरारा थानाध्यक्ष एके सिंह फोर्स के साथ मौके पर मजदूरों को रोडवेज बसों से उनके गृह जनपद भिजवाने का आश्वासन दिया है लेकिन मजदूरों की भारी भीड़ के आगे वह लाचार दिख रहे है। पुलिस के बीच तमाम प्रवासियों के वाहन जनपद की सीमा पर प्रवेश भी कर गये है। थानाध्यक्ष ने बताया कि जल्द ही प्रवासियों को भिजवाने के लिये रोडवेज की बसों की व्यवस्था करायी जा रहा है।

इधर कुरारा क्षेत्र के बीडीओ राम सिंह ने बताया कि क्षेत्र के झलोखर गांव में एक बड़े स्कूल में प्रवासियों को रुकवाने के लिये व्यवस्थायें प्रशासन के निर्देश पर की जा रही है। यहां प्रवासियों को जलपान कराने के बाद रोडवेज बसों से भिजवाने का काम शुरू होगा। बता दे कि मजदूरों को उनके गृह जनपद भिजवाने के लिये प्रशासन ने हरदोई परिवहन निगम डिपो से 51 बसे मंगवायी है वही हमीरपुर डिपो से भी तमाम बसे बार्डर पर खड़ी करायी गयी है।

प्यासे प्रवासियों को गांव में हैंडपंप से नहीं मिला पानी

सरकार के निर्देश पर प्रवासियों को पैदल आने पर रोक लगाये जाने के बाद जनपद की सीमाएं सील कर दी गयी है। हमीरपुर-महोबा और हमीरपुर जालौन बार्डर पर सुबह से ही हजारों वाहनों को रोक दिया गया है जिससे मजदूर परेशान है। प्यासे मजदूर बार्डर पर सरसई गांव में लगे हैंडपंप पर पानी लेने गये तो लोगों ने कोरोना के भय के कारण मना कर दिया। प्रवासियों ने नारेबाजी करते हुये कहा कि प्रवासियों के लिये यहां कोई इंतजाम नहीं है। पानी के लिये भी प्रवासियों को ये दिन देखने पड़ रहे है। प्रवासियों में अधिकतर गोरखपुर, गाजीपुर, बिहार व अन्य बड़े नगरों के रहने वाले है जिन्होंने कहा कि अब मजदूरी के लिये दोबारा घर से बाहर नहीं जायेंगे।

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