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लॉकडाउन में मजदूरों के घर वापसी की जद्दोजहद का जारी है सिलसिला

लॉकडाउन में मजदूरों के घर वापसी की जद्दोजहद का जारी है सिलसिला
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सुकमा । एएनएन (Action News Network)

जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में लॉकडाउन के बीच अपने रोजगार खो चुके मजदूरों को अपने घर पंहुचने की आस में जद्दोजहद का सिलसिला जारी है। ताजा मामला जिले के कोंटा का है, जहां आंध्र प्रदेश के जंग्गारेड्डीगुडम से 6 मजदूर 250 किलोमीटर पैदल चलकर छत्तीसगढ़ की सीमा पर पहुंचे। लेकिन बॉर्डर सील होने से तथा कोंटा में क्वारेंटाइन किये जाने की डर से 6 मजदूर नदी में कूद गये। पांच मजदूर तैरकर पार हुए एक नदी में फंस गया, करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों और मछुवारों की मदद से बाहर निकाला गया। स्थानीय लोगों एवं मछुवारों की मदद से नदी में फंसे मजदूर को रेस्क्यू करने के बाद नाव से पार कराया गया। ओडिसा के मोटू गांव में सभी मजदूरों को क्वारंटाइन किया गया है।

ओडिसा के मलकानगिरी के एमवी 88 और एवी 79 से कुछ ग्रामीणा आंध्र प्रदेश के जंग्गारेड्डीगुडम गये थे। लॉक डाउन में अंतर्राज्यीय सीमाओं पर बहने वाले नदी-नालों में भी आवाजाही बंद है। छत्तीसगढ़,ओडिसा और आंध्र प्रदेश की सीमा पर बहने वाली शबरी नदी घाट में मोटरबोट व नाव बंद है। जब इसकी जानकारी मजदूरों को लगी तो वे नदी में कूद गये। किसी तरह 5 मजदूर तैरकर नदी पार कर गये, लेकिन एक मजदूर शबरी के बहाव में बहकर एक पेड़ पर अटक गया। दो घंटे से अधिक समय तक वह वहीं फंसा था। साथी मजदूरों ने इसकी जानकारी स्थानीय मछुवारों को दी, जिसके बाद घंटों मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला गया।

कोंंटा एसडीएम हिमांचल साहू ने बताया कि, गुरुवार को कुछ मजदूरों द्वारा चोरी छुपे नदी पार करने की कोशिश में एक मजदूर नदी में फंसने की जानकारी मिली है। शबरी नदी तीनों राज्यों की सीमा को छूकर बहती है। जिस क्षेत्र से मजदूरोंं ने नदी पार किया है वह छत्तीसगढ़ की सीमा से बाहर है। लगातार प्रशासन द्वारा बार्डर और ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाली सड़कों पर नजर रखा जा रहा है।

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