Top
Action India

गो हत्या पर योगी सरकार के कानून को लोगों ने सराहा, बताया संस्कृति का 'उत्प्रेरक'

गो हत्या पर योगी सरकार के कानून को लोगों ने सराहा, बताया संस्कृति का उत्प्रेरक
X

रायबरेली । एएनएन (Action News Network)

योगी सरकार द्वारा किये गए गो हत्या रोकने के लिए बनाए गए कानून को गो भक्तों, साधु संतों और आम लोगों ने भी खूब सराहा है। साधु संतों ने इसे संस्कृति का उत्प्रेरक बताया तो गोभक्तों ने इसे एक जरूरी निर्णय करार दिया। योगी सरकार के इस महत्वपूर्ण फ़ैसले पर शुक्रवार को हिन्दुस्थान समाचार ने सबकी राय जानी।

गो संरक्षण अधिनियम में हुए बदलाव पर साधु संतों में काफ़ी खुशी है। डलमऊ बड़ा मठ के महंत देवेंद्रगिरी ने कहा कि यह बहुत जरूरी निर्णय है और इसे पहले ही हो जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि गोमाता के लिए इस देश मे संतों ने बलिदान दिया है। इस फ़ैसले से गो हत्या पर रोक लगाने में जरूर मदद मिलेगी।

विजय राघव दास महाराज ने कहा कि यह निर्णय बहुत ही सराहनीय और स्वागत योग्य है इसे बहुत पहले ही हो जाना चाहिये था। गोकना के तीर्थ पुरोहित और गो भक्त जितेंद्र द्विवेदी भी सरकार के इस फ़ैसले से प्रसन्न हैं। उनका कहना है कि सात साल तक कि सजा होने पर आरोपी इसका फायदा उठाते थे अब ज्यादा सजा होने से जेल जाना पड़ेगा। जुर्माना राशि बढ़ाने को भी उन्होंने स्वागतयोग्य कदम बताया।

भाजपा के वरिष्ठ नेता अभिलाष चंद्र कौशल ने कहा कि प्रदेश सरकार का यह निर्णय जनहित में है। ज्यादातर दुधारू गायों को सुनियोजित ढंग से मारा जा रहा था। अब इस पेशे में जुड़े गो तस्करों पर लगाम लगेगी।

भाजपा नेता ने कहा कि सरकार का निर्णय सभी के हित में है और इसका कड़ाई से पालन कराया जाएगा। वरिष्ठ पत्रकार राजा राम मौर्य ने भी इस अधिनियम में संशोधन को देर से लिया गया और सही निर्णय बताया। उनका कहना है कि जरूरत है कि इस कानून को सख्ती से लागू किया जाय। सरकार के गो संरक्षण कानून का कांग्रेस ने भी स्वागत किया है, लेकिन इसके दुरुपयोग के लिए भी आगाह किया है।

कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी ने एक्शन इंडिया समाचार से कहा कि कांग्रेस ने शुरू से ही गायों के संरक्षण पर बल दिया है और वर्तमान कानून भी कांग्रेस की देन है। उन्होंने कहा कानून बनाना अच्छी बात है लेकिन इसे सही से लागू करना अलग बात। जिलाध्यक्ष ने इस कानून के दुरूपयोग की आशंका जताते हुए सरकार से ध्यान देने की बात कही है।

Next Story
Share it