
बालाघाट में 400 करोड़ के विकास कार्यों की योजना, 20 नए हेल्थ सेंटर से सड़क-पानी पर रहेगा फोकस
बालाघाट
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने राज्य शासन बालाघाट में विकास कार्यों का लेखा जोखा पेश करेगी. इसके लिए राज्य सरकार ने बालाघाट में सड़क, स्वास्थ्य और पोषण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 400 करोड़ से अधिक की योजना तैयार की है. इस विकास योजना का खाका आज केन्द्रीय गृहमंत्री के सामने रखा जाएगा।
बालाघाट क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के साथ ही पेयजल, सड़क बिजली आदि की व्यवस्था बेहतर करने जा रही है. इसके लिए राज्य सरकार अगले एक साल में करीबन 400 करोड़ रुपए की राशि खर्च करेगी.हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी बालाघाट पहुंचे थे और उन्होंने आदिवासी जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार को लेकर सवाल खड़े किए थे।
बालाघाट के 5 ब्लॉक में होंगे 1500 काम
आदिवासी जिले बालाघाट में सड़क, स्वास्थ्य की व्यवस्थाएं बेहतर करने के लिए राज्य शासन ने करीबन 400 करोड़ रुपए की राशि से कई काम कराने का निर्णय किया है. इसके लिए मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने तमाम कामों को स्वीकृति दे दी है. इस पूरे प्लान को केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने राज्य शासन द्वारा रखा जाएगा।
इसके तहत राज्य शासन बालाघाट जिले के परसवाड़ा, बैहर, लांजी, बिरसा और किरनापुर में करीबन 1500 कामों को किया जाएगा. वहीं, विभिन्न विभागों द्वारा किए जाने वाले इन कामों के लिए जनजतीय विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा सभी विभागों के बीच समन्वय का काम करेंगे।
सड़कों के निर्माण पर खर्च होंगे 269 करोड़ रुपये
योजना के तहत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से सबसे अधिक राशि खर्च की जाएगी। पांचों विकासखंडों में 151 सड़क और सीसी रोड के निर्माण पर 268.94 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा 69 पुलिया और कल्वर्ट के निर्माण के लिए 34.02 करोड़ रुपये तथा 60 स्टॉप डैम के लिए 35.97 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
20 से ज्यादा स्वास्थ्य केंद्रों का होगा निर्माण
आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 20 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए जाएंगे। इसके साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपस्वास्थ्य केंद्रों के भवन भी तैयार किए जाएंगे। स्वास्थ्य केंद्रों में बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सोलर पैनल लगाने की भी योजना है।
बच्चों की मौत वाले गांवों पर विशेष ध्यान
जिले के डोंगरगांव, बोंदारी, कोंडेकसा, मछरदा, मातला और कोरका जैसे बैगा-गोंड बहुल गांवों में कुपोषण और बीमारी से बच्चों की मौत के मामले सामने आए थे। अब इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
पेयजल व्यवस्था भी होगी मजबूत
पांचों विकासखंडों में पेयजल व्यवस्था की जिम्मेदारी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) को दी गई है। किरनापुर और लांजी में नल-जल योजना का काम पूरा हो चुका है। वहीं, जिन गांवों में नल-जल योजना के निर्धारित मापदंड पूरे नहीं होते, वहां पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
बालाघाट में क्या-क्या काम होंगे?
राज्य शासन बालाघाट में 400 करोड़ के विकास कार्यों को 13 विभागों के साथ मिलकर पूरा करेगी. इसके तहत 151 सड़कें बनाई जाएंगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच आसान हो सके. इस पर 268 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी. जिले के सभी ब्लॉक में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर बनाने के लिए 20 से ज्यादा आयुष्मान आरोग्य केन्द्र खोले जाएंगे. इसके अलावा सामुदायिक और स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन बनाए जाएंगे. इनके निर्माण पर 3.11 करोड़ की राशि खर्च होगी।
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इसके अलावा अनाज वितरण की व्यवस्था को बेहतर करने के लिए राशन दुकान और गोदाम का निर्माण किया जाएगा. इस पर 6.87 करोड की राशि खर्च होगी. बालाघाट में पेयजल की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पांच ब्लॉक में नल जल योजना के कामों को तेजी से पूरा कराया जाएगा. जिन स्थालों पर पानी की व्यवस्था नहीं है, वहां दूसरे विकल्पों से पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।




