
हरियाणा में 350 अटल लाइब्रेरी शुरू, गांवों में शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी को मिलेगा बढ़ावा
चंडीगढ़
हरियाणा सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नया माहौल तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश के 17 जिलों में मंगलवार को एक साथ 350 नई अटल लाइब्रेरी शुरू की जाएंगी।
करीब 44 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही यह योजना गांवों में अध्ययन संस्कृति को मजबूत करने और युवाओं को उनके घर के नजदीक बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
हरियाणा सरकार की इस पहल की खास बात यह है कि लाइब्रेरी स्थापित करने के लिए नये भवनों के निर्माण पर खर्च नहीं किया गया है। इसकी बजाय ग्राम पंचायतों के उन भवनों और कमरों का चयन किया गया है जो लंबे समय से खाली पड़े थे या सीमित उपयोग में आ रहे थे।
राज्य स्तर पर कराए गए सर्वेक्षण के आधार पर 600 से 1000 वर्ग फुट क्षेत्र वाले उपयुक्त स्थानों की पहचान की गई और उन्हें आधुनिक अध्ययन केंद्रों के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई।
किताबों के साथ डिजिटल अध्ययन की भी सुविधा
नई अटल लाइब्रेरी केवल पारंपरिक पुस्तकालय नहीं होंगी, बल्कि इन्हें बहुआयामी ज्ञान केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां स्कूली पाठ्यक्रम की पुस्तकों के अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी सामग्री, सामान्य ज्ञान, व्यक्तित्व विकास, सूचना प्रौद्योगिकी, कौशल विकास तथा बच्चों के लिए विशेष साहित्य उपलब्ध कराया जाएगा
इसके साथ-साथ डिजिटल संसाधनों और आनलाइन अध्ययन की सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, ताकि ग्रामीण विद्यार्थी आधुनिक शिक्षा प्रणाली और डिजिटल लर्निंग से जुड़ सकें। सरकार का लक्ष्य है कि गांवों के छात्र भी शहरों की तरह अध्ययन संसाधनों तक आसानी से पहुंच बना सकें।
ग्रामीण युवाओं को मिलेगा प्रतिस्पर्धी माहौल
योजना का प्रमुख उद्देश्य उन विद्यार्थियों और युवाओं तक बेहतर अवसर पहुंचाना है, जो आर्थिक या भौगोलिक कारणों से शहरों के कोचिंग संस्थानों और अध्ययन केंद्रों तक नहीं पहुंच पाते। हरियाणा सरकार का मानना है कि यदि गांवों में ही गुणवत्तापूर्ण अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराया जाए तो प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल विकास कार्यक्रमों और रोजगारोन्मुखी शिक्षा में ग्रामीण युवाओं की भागीदारी बढ़ेगी।
अटल लाइब्रेरी के संचालन को प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक गांव में ‘अटल लाइब्रेरी प्रबंधन समिति’ गठित की जाएगी। इस समिति में सरपंच, ग्राम सचिव, स्थानीय शिक्षित नागरिकों तथा युवा संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। समिति पुस्तकालय के संचालन, अनुशासन व्यवस्था, पुस्तकों के रखरखाव और करियर मार्गदर्शन जैसी गतिविधियों की निगरानी करेगी।
पहले भी शुरू हो चुकी हैं सैकड़ों लाइब्रेरी
यह पहल राज्य सरकार के पहले से चल रहे अटल लाइब्रेरी अभियान का विस्तार है। इससे पहले 25 दिसंबर 2025 को अटल सुशासन दिवस के अवसर पर 250 अटल लाइब्रेरी शुरू की गई थीं। इसके बाद विभिन्न जिलों में 268 और लाइब्रेरी संचालित की गईं। अब 350 नई लाइब्रेरी शुरू होने के बाद यह नेटवर्क और अधिक व्यापक हो जाएगा
रेवाड़ी में सबसे अधिक 49 लाइब्रेरी
इस चरण में जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक 49 अटल लाइब्रेरी रेवाड़ी जिले में शुरू की जाएंगी। इसके बाद करनाल में 45 और भिवानी में 36 नई लाइब्रेरी स्थापित होंगी। हरियाणा सरकार को उम्मीद है कि यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।




