हिमाचल प्रदेश

Kullu Landslide : आनी में दहशत में लोग, 40 घरों को खतरा, चंद सेकेंड में ताश के पत्तों की तरह ढह गई 8 इमारतें

कुल्लू : आनी में गुरुवार सुबह लैंडस्लाइड के कारण बहुमंजिला इमारत ढहने के बाद जिला उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने घटनास्थल का जायजा लिया है. डीसी कुल्लू के मुताबिक आनी मेन मार्किट में कई और इमारतों को भी खतरा बना हुआ है. गुरुवार सुबह हुए हादसे का वीडियो भी सामने आया था, जिसे देखकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो सकते हैं. इस हादसे के बाद से इलाके के लोगों में दहशत बनी हुई है क्योंकि आनी में खतरा अभी टला नहीं है.

8 भवन ढह गए, 2 भवनों को नुकसान- डीसी कुल्लू ने बताया कि गुरुवार सुबह आनी मेन मार्किट में 8 भवन ढह गए थे जबकि 2 इमारतों को क्षति पहुंची है. उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लैंडस्लाइड के कारण मकानों में दरारें आ गई थी और खतरे को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही इन इमारतों को खाली करवा लिया था. जिससे इस हादसे में किसी की जान नहीं गई हालांकि इससे काफी नुकसान हुआ है. जिला उपायुक्त ने स्थानीय प्रशासन को जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं.

35 से 40 इमारतों को खतरा- डीसी आशुतोष गर्ग ने बताया कि इस इलाके में कई इमारतें ऐसी हैं जिन्हें खतरा बना हुआ है और लैंडस्लाइड के कारण ये इमारतें भी ढह सकती हैं. ऐसे में प्रशासन की ओर से 35 से 40 भवन मालिकों को नोटिस दिया गया है कि वो इमारतों को खाली कर दें और किसी सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट हो जाएं. उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास रहने के लिए दूसरी जगह नहीं है उनके लिए रिलीफ कैंप या फिर सरकारी भवनों में प्रशासन की ओर से इंतजाम किया जा रहा है.

भवन खाली करने के निर्देश- वहीं एसडीएम आनी की ओर से मामले पर गठित कमेटी ने 23 भवनों को खतरानाक बताया है. कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने सभी भवन मालिकों और इसमें रहने वाले किराएदारों को भवन खाली करने के निर्देश जारी किए हैं. एसडीएम आनी नरेश वर्मा ने पुलिस विभाग को सख्त हिदायत जारी करते हुए कहा कि यदि कोई भवन मालिक प्रशासन के आदेशों की अवहेलना करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.

आनी में लैंडस्लाइड और इससे इमारतों को होने वाले खतरे को देखते हुए प्रशासन नजर बनाए हुए है. गुरुवार को हादसा सुबह करीब 9.30 बजे पेश आया. जो 8 इमारतें ढही हैं उन्हें पहले ही प्रशासन की ओर से खाली करवा लिया गया था. इमारतों के ढहने से पहले स्थानीय प्रशासन मौके पर तैनात था. पुलिस सहित अन्य विभाग के अधिकारियों ने इलाके को पहले ही खाली कर दिया था, ताकि किसी तह की अनहोनी ना हो. एसडीएम आनी ने कहा कि राहत के लिए प्रशासन की ओर से हर संभव कदम उठाया जा रहा है. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला आनी में राहत शिविर लगाया गया है जहां देर शाम तक प्रभावित परिवारों को ठहराने का कार्य किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि भवनों के गिरने का कारण हुए नकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है.

एसडीएम ने कहा कि प्रशासन ने एहतियात के तौर पर भवन मालिकों को 16 जून को नोटिस जारी कर दिए थे. इसके पश्चात भवन मालिकों से भवनों को खाली करवाया गया था. प्रशासन द्वारा उठाए गए इन कदमों के कारण भू-स्खलन में किसी प्रकार का जानी नुकसान दर्ज नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि प्रशासन राहत और पुनर्वास कार्य के लिए प्रतिबद्ध है. सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार उपमंडल प्रशासन लोगों को राहत प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button