
हरियाणा की 5154 ग्राम पंचायतें भारतनेट से जुड़ीं, 45 हजार FTTH कनेक्शन हुए सक्रिय
चंडीगढ़
हरियाणा ने ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी और दूरसंचार ढांचे के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। प्रदेश की 6222 ग्राम पंचायतों में से 5154 यानी 82.84 प्रतिशत ग्राम पंचायतें भारतनेट के दायरे में आ चुकी हैं। कुल 45 हजार 130 फाइबर टू द होम (एफटीटीएच) कनेक्शन कार्यरत हैं।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने शुक्रवार को राज्य ब्राडबैंड समिति की बैठक में भारतनेट, राइट आफ वे (आरओडब्ल्यू) नियम 2024, 5जी नेटवर्क के विस्तार तथा दूरसंचार परियोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया से संबंधित विभिन्न पहलों की समीक्षा की।
150 करोड़ रुपये का मिला प्रोत्साहन
चालू वित्त वर्ष में पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (एसएएससीआइ) के तहत राज्य के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन निर्धारित किया गया है। यह प्रोत्साहन दूरसंचार क्षेत्र में छह सुधार लक्ष्यों की प्राप्ति से जुड़ा है। 31 मार्च तक लंबित सभी आरओडब्ल्यू आवेदनों का निपटारा कर दिया गया है, जिससे अधिकतम 22.5 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन का प्रविधान है।
150 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज में आरओडब्ल्यू नियमों के क्रियान्वयन संबंधी आदेशों के लिए 45 करोड़ रुपये, राज्य आरओडब्ल्यू पोर्टल के लिए 22.5 करोड़ रुपये, पुराने लंबित आवेदनों के निपटारे के लिए अधिकतम 22.5 करोड़ रुपये, औसत निपटारा अवधि को 45 दिन या उससे कम करने के लिए 7.5 करोड़ रुपये,
भारतनेट अनुपालन के लिए 37.5 करोड़ रुपये तथा बिजली क्षेत्र से संबंधित आवश्यकताओं के अनुपालन के लिए 15 करोड़ रुपये निर्धारित हैं। मुख्य सचिव ने आरओडब्ल्यू आवेदनों की औसत निपटारा अवधि 45 दिन या उससे कम करने के लिए आवश्यक कदम तेजी से उठाने के निर्देश दिए।
आवेदनों और दूरसंचार ढांचे को मिलेगी गति
इस दौरान उपायुक्तों की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय दूरसंचार समितियों को और अधिक सक्रिय बनाने पर भी चर्चा हुई। इन समितियों की नियमित त्रैमासिक बैठकें आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया, ताकि जिलों में आरओडब्ल्यू आवेदनों तथा दूरसंचार ढांचे से संबंधित मामलों का स्थानीय स्तर पर शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
भूमिगत दूरसंचार एवं अन्य बुनियादी ढांचे को खुदाई के दौरान होने वाले नुकसान से बचाने के लिए ‘काल बिफोर यू डिग’ प्रणाली के व्यापक उपयोग पर भी जोर दिया गया। वर्तमान में हरियाणा के विभिन्न विभागों के 1204 उपयोगकर्ता इस प्रणाली पर पंजीकृत हैं।
समिति ने सरकारी भवनों तथा अन्य उपयुक्त सरकारी संपत्तियों पर 5जी स्माल सेल, रूफटाप साइट, पोल और फाइबर नेटवर्क के विस्तार को सुविधाजनक बनाने के उपायों पर भी विचार किया।
इसके अलावा दूरसंचार टावरों पर स्मार्ट मीटर लगाने की प्रगति की समीक्षा की गई। स्मार्ट मीटर से दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के लिए हरित ऊर्जा की मुक्त पहुंच को सुगम बनाने के साथ-साथ संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायतों में बिजली की खपत और बिलिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने में भी सहायता मिलेगी।



