
हरियाणा में ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 31 मई तक बढ़ी, पक्की नौकरी की मांग पर मंत्री आवास घेरने की चेतावनी
बाढड़ा/चंडीगढ़.
ग्रामीण सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर लगातार संघर्षरत हैं। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन सीटू के आह्वान पर चल रही हड़ताल शुक्रवार को 15वें दिन भी जारी रही। कर्मचारी धरने पर बैठकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर रहे हैं लेकिन सरकार अब तक उनकी मांगों को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही।
ग्रामीण सफाई कर्मचारी पक्का कर्मचारी का दर्जा, 26 हजार रुपये मासिक वेतन लागू करने, एक्सग्रेसिया नीति लागू करने तथा 400 की आबादी पर स्थायी सफाई कर्मचारी भर्ती करने सहित कई मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वर्षो से गांवों की सफाई व्यवस्था संभालने के बावजूद उन्हें ना तो स्थायी रोजगार मिला है और ना ही सम्मान जनक वेतन। हड़ताल को 31 मई तक बढ़ाने का फैसला लिया गया है। 31 मई तक प्रदेश के मंत्रियों के आवासों पर रोष प्रदर्शन होगा।
भिवानी, चरखी दादरी और रोहतक जिलों के ग्रामीण सफाई कर्मचारी 31 मई को सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी के आवास पर जोरदार प्रदर्शन करेंगे। धरने की अध्यक्षता संजय जीतपुरा ने की तथा संचालन सुरेश कुमार ने किया। यूनियन नेता सुरेश कुमार जेवली ने कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी पिछले 15 दिनों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। पंचायत सचिवों और सरपंचों की ओर से कर्मचारियों पर काम पर लौटने का दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश के लगभग 10500 ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय केवल झूठे आश्वासन देने में लगी है। सीटू जिला संयोजक राजकुमार घिकाड़ा और जिला सह संयोजक कमलेश भैरवी ने कहा कि आज प्रदेश में महंगाई और बेरोजगारी बढ़ रही है।




