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सत्य निकेतन हादसे के एक हफ्ते बाद भी खौफ बरकरार, बाजार खुला लेकिन कारोबार हुआ ठप

नई दिल्ली
 सत्य निकेतन पीजी हादसे को रविवार को एक हफ्ते पूरे हो गए। यहां अब अधिकतर दुकानें फिर से खुल गई हैं। सड़कों पर लोग भी नजर आ रहे हैं। पर लोगों के मन से हादसे का खौफ नहीं हट रहा। चिह्नित की गई इमारतों में अब भी तोड़फोड़ का काम चल रहा है। बाजार में दुकानदार दुकान खोलकर तो बैठे हैं, लेकिन चिंता उनके चेहरे पर साफ नजर आ रही है।

'कोरोना से भी बुरा हाल'
किताबों की दुकान चलाने वाले आकाश ने बताया कि दुकान खोलना मजबूरी है, लेकिन समझ नहीं आ रहा कि ग्राहक कहां से आएंगे? पहले दिनभर चहल-पहल रहती थी। अब कई स्टूडेंट्स घर लौट गए हैं। कुछ ने दूसरे इलाकों में पीजी ले लिया है। सीधे दुकानदारों की कमाई पर असर पड़ा है। कोरोना के समय भी कारोबार इतना खराब नहीं हुआ था, जितना अभी है।

मजदूरों पर भी हो रहा असर
मार्केट और आसपास के पीजी में सामान पहुंचाने, खान ले जाने, निर्माण और छोटे-मोटे काम करने वाले मजदूरों को यहां लगातार काम मिलता था, लेकिन अब काम अचानक कम हो गया है। मजदूर रमेश ने बताया कि पहले दिनभर कोई न कोई काम मिल जाता था, लेकिन अब पहले जैसी स्थिति नहीं है।

'जख्म ताजा है, इसलिए सबको याद है…'
    मार्केट में खाना खाने आए मोतीलाल नेहरू कॉलेज के स्टूडेंट अमन के चेहरे पर गुस्सा और मायूसी दोनों दिख रही थी। उन्होंने कहा कि पिछले एक सप्ताह से पूरा इलाका छावनी जैसा बना है। अगर हादसे के बाद इतनी बड़ी पुलिस और प्रशासनिक मशीनरी यहां लग सकती है तो पहले क्यों नहीं लगी? अगर समय रहते कार्रवाई हुई होती तो शायद आज हालात कुछ और होते।

    वहीं, सुभाष और शुभम त्यागी को पटियाला हाउस कोर्ट में संडे को पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों को 12 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। स्थानीय लोगों की नजर जांच पर है कि सिर्फ पीजी संचालकों की भूमिका सामने आती है या इमारत की स्थिति, निर्माण में हुए बदलाव और विभागों की जिम्मेदारी की भी जांच होगी।

11 प्रॉपर्टी तोड़ीं, 4 को किया सील
सभी 12 ज़ोनों में अवैध और बिल्डिंग बायलॉज की धज्जियां उड़ाकर बनी प्रॉपर्टीज के खिलाफ संडे को भी एमसीडी की कार्रवाई जारी रही। रविवार को साउथ ज़ोन के तहत आने वाले गौतम नगर इलाके में दो प्रॉपर्टीज सहित 11 प्रॉपर्टी पर डिमोलिशन एक्शन लिया गया। इसके अलावा 4 प्रॉपर्टी को सील किया गया। पीतमपुरा इलाके में एक बिल्डिंग को खतरनाक घोषित करते हुए उसे खाली कराया गया। इस बिल्डिंग में 16 फ्लैट बने हुए हैं।

एमसीडी के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि सत्य निकेतन में ध्वस्त हुई बिल्डिंग के बराबर वाली जिस बिल्डिंग को मैनुअली तोड़ा जा रहा है, उस बिल्डिंग की अभी तक डेढ़ मंजिल ही टूट पाई है।
    सोमवार को पूरी दो मंजिलों को तोड़ दिया जाएगा। इसके बाद एक ही दिन में पूरी बिल्डिंग को जमीन से मिला दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इसी बिल्डिंग के आसपास बिल्डिंग नंबर 74 से लेकर बिल्डिंग नंबर 76 को भी खतरनाक घोषित कर दिया गया है।
    इसके बाद इन बिल्डिंग को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इन बिल्डिंग को तोड़ने से पहले एहतियात के तौर पर बिल्डिंग नंबर 73 और बिल्डिंग नंबर 77 को खाली कराया जाएगा।
    ध्यान रहे कि एनबीटी ने सबसे पहले इन खतरनाक बिल्डिंग को हाइलाइट किया था। अधिकारी ने बताया रविवार को सैदुल्लाजाब में जिस बिल्डिंग को तोड़ा जा रहा था, उसके ऊपर रविवार को भी कार्रवाई जारी रही।

एक बिल्डिंग को खतरनाक घोषित किया
    4 मंजिला इमारत झुकी, दो परिवारों को निकाला
    मालिक को खुद ही बिल्डिंग गिराने को कहा गया है

बाजार हुआ वीरान
सत्य निकेतन में एमसीडी की ओर से चिह्नित की गई इमारतों में तोड़फोड़ का काम लगातार जारी है

बिल्डिंग में नोटिस लगा दिया गया है
गांधी नगर स्थित चांद मोहल्ले में रविवार को चार मंजिला इमारत अचानक झुक गई। सूचना के बाद पुलिस तुरंत टीम मौके पर पहुंची और इमारत में रहने वाले दो परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला। पूरी इमारत को खाली करा लिया गया है। साथ ही, दिल्ली नगर निगम ने इसके मालिक को इमारत खुद गिराने का निर्देश दिया है।

    एमसीडी के एक अधिकारी ने बताया कि मकान मालिक से रविवार को ही इमारत गिराने को कहा है। ऐसा न करने पर एमसीडी जरूरी नियमों के तहत कार्रवाई करेगी।
    पुलिस अधिकारी ने बताया कि रविवार दोपहर पुलिस को सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस वाले मौके पर पहुंचे और दो परिवारों को सुरक्षित निकाला गया।

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