अन्य राज्यमध्य प्रदेश

विकास की नई रोशनी की ओर बढ़ रहा है बालाघाट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विकास की नई रोशनी की ओर बढ़ रहा है बालाघाट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की घोषणा 225 करोड़ से एक साथ बदलेंगी 100 गांवों की तस्वीर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहुंचे बालाघाट जिले के दूरस्थ गांव बोंदारी
मुख्यमंत्री बैठे अपनों के बीच, लिया क्षेत्र के कल्याण का संकल्प
जनजातीय समाज के साथ किया आत्मीय संवाद, समस्याओं का किया निवारण
जिले के विकास के लिए जताई प्रतिबद्धता
बैगा समाज के कल्याण का लिया संकल्प
लाड़ली बहनों ने अपने भैया मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बांधी राखी, खिलाई मिठाई
 बालाघाट

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को बालाघाट जिले के दूरस्थ गांव बोंदारी पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे इस बोंदारी गांव में ग्रामवासियों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री ग्रामीणों के बीच ज़मीन पर बैठे, जनजातीय समाज की समस्याएं सुनीं और उन्हें मौके पर ही हल किया। उन्होंने पशुपालन में बढ़ावा, आवास सुविधा, पोषण आहार के उपयोग की आदत विकसित करने के लिए जन जागृति अभियान, वन विभाग के सहयोग, चिकित्सा, शिक्षा, रोजगार के अवसर बढ़ाने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को ये सभी सुविधाएं ग्रामीणों को मुहैया कराने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि इतिहास में पहली बार कोई मुख्यमंत्री बालाघाट जिले के नक्सल प्रभावित रहे बोंदारी और कोरका गांवों में ग्रामवासियों से मिलने पहुंचे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और यहां के बैगा समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बालाघाट जिले के 100 गांवों के समग्र विकास के लिए 225 करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की। इससे विकास कार्यों के साथ रोजगार, स्वरोजगार और आजीविका सृजन के विभिन्न कार्य किया जा सकेंगे। इससे नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करते हुए ग्रामीणों, युवाओं, महिलाओं और जनजातीय समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकेगा। कार्यक्रम से पहले बालाघाट जिले की लाड़ली बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी भी बांधी और मिठाई खिलाई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प 'सुरक्षा के साथ विकास और विकास के साथ रोजगार' का है। नक्सलवाद के प्रभाव से मुक्त हुए क्षेत्रों में अब सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्व-रोजगार के अवसरों का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 225 करोड़ रुपये की विकास पहल के अंतर्गत पंचायत एवं ग्रामीण विकास, ऊर्जा, शिक्षा, उद्योग, महिला एवं बाल विकास, आयुष, खाद्य, मत्स्य, स्वास्थ्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, जनजातीय कार्य एवं पर्यटन सहित विभिन्न विभागों के माध्यम से अधोसंरचना विस्तार सहित सामाजिक एवं आर्थिक विकास के सभी कार्य किए जाएंगे।

युवाओं को जोड़ना है अवसरों से

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अब केवल सड़क बनाने का ही नहीं, बल्कि सड़कों को बाजार से, गांव को रोजगार से और युवाओं को अवसरों से जोड़ने का है। बालाघाट जिले में एमएसएमई, ग्रामोद्योग तथा स्थानीय रोजगारपरक उद्योगों को और भी बढ़ावा देकर युवाओं के लिए अपने ही क्षेत्र में रोजगार और स्व-रोजगार के अवसर विकसित किए जाएंगे। कृषि, डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण को ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने का माध्यम बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास रहेगा कि गांव में तैयार होने वाले उत्पादों का स्थानीय स्तर पर ही मूल्य संवर्धन हो और उन्हें देश के बड़े बाजारों तक आसानी से पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि महिलाओं और स्व-सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों और छोटे उद्यमों से जोड़कर परिवारों की आय बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। यहां के युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला स्व-उद्यमी और उद्योगपति बनाने के लिए कौशल, प्रशिक्षण और उद्यमिता के अवसर बढ़ाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बालाघाट जिले की प्राकृतिक सम्पदा और सांस्कृतिक विरासत को देखते हुए यहां पर्यटन, ईको-टूरिज्म और ट्राइबल टूरिज्म को भी नई ऊंचाई देने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

नक्सल से विकास की ओर – सुरक्षित बालाघाट, समृद्ध बालाघाट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बालाघाट जिला अब एक नई उम्मीद, नए संकल्प के साथ विकास की नई रोशनी की ओर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। ऐसा बालाघाट, जो नक्सलमुक्त भी हो और विकास एवं रोजगार के नए अवसरों से परिपूर्ण भी हो। उन्होंने कहा कि नक्सलमुक्त बालाघाट यक़ीनन हमारी उपलब्धि है, लेकिन हमारा अगला लक्ष्य बालाघाट को समृद्ध, आत्मनिर्भर और खुशहाल ज़िला बनाना है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि यहां के हर गांव में विकास, हर युवा को अवसर, हर परिवार की आय में वृद्धि और हर समाज को मान-सम्मान मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुरक्षित बालाघाट को समृद्ध बालाघाट में बदलने के लिए सामाजिक अधोसंरचना और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से मुक्त हुए क्षेत्रों में विकास की पहुंच को अंतिम व्यक्ति तक ले जाना सरकार की प्राथमिकता है। सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं के साथ-साथ स्थानीय संसाधनों पर आधारित रोजगार के अवसर भी विकसित किए जाएंगे।

बैगा समाज के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम बोंदारी में बैगा समाज के सर्वांगीण विकास के लिए विशेष संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि बैगा समाज मध्यप्रदेश की गौरवशाली जनजातीय विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। बैगा परिवारों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आवास, सड़क, बिजली और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बैगा युवाओं को शिक्षा, कौशल, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बैगा समाज की पारम्परिक कला, संस्कृति, ज्ञान और स्थानीय उत्पादों को आजीविका तथा बाजार से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। हमारी सरकार का उद्देश्य बैगा "समुदाय को आदर, सम्मान, अधिकार और अवसर के साथ विकास की मुख्यधारा में लाना है। उन्होंने कहा कि बैगा समुदाय के बच्चों का भविष्य बेहतर हो, युवाओं को रोजगार मिले, महिलाओं की आय बढ़े और प्रत्येक बैगा परिवार के जीवन में खुशहाली आए, इसके लिए सरकार पूरी संवेदनशीलता, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।

कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री तथा बालाघाट जिले के प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उईके, बालाघाट की सांसद श्रीमती भारती पारधी, स्थानीय विधायक संजय उईके, विधायक मधु भगत, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, जनप्रतिनिधि, सरपंच एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button