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जालोर में दो भाइयों के विवाद में 150 मकानों पर चल रहा बुलडोजर, घर टूटते ही बिलख पड़े लोग

जालोर.

राजस्थान के जालोर जिला के आहोर उपखंड क्षेत्र के ओडवाड़ा गांव में आज प्रशासन यहां ओरण भूमि पर बने 400 घरों को तोड़ने की कार्रवाई कर रहा है। मामले में कार्रवाई राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्देशों पर की जा रही है। यह मामला 2 भाइयों की आपसी लड़ाई से यहां तक पहुंचा है। ओडवाडा गांव में दो भाइयों के पारिवारिक झगड़े के मामले में हाइकोर्ट ने बड़ी संख्या में हुए निर्माण को तोड़ने के आदेश पिछले साल दिए थे।

बताया जा रहा है कि जिस भूमि पर निर्माण हुए हैं, वह भूमि ओरण किस्म की भूमि है। उच्च न्यायालय में सुनवाई के बाद न्यायालय ने ओरण भूमि पर निर्मित मकान को अतिक्रमण मानते हुए हटाने के आदेश जारी किए थे। न्यायालय की अनुपालना में जिला प्रशासन भी तैयारी में लग गया है। मकानों को ध्वस्त करने की इस कार्रवाई के विरोध में यहां बड़ी संख्या में पुरुष एवं महिलाएं जुट गईं। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठी चार्ज किया। पुलिस प्रशासन ने बल प्रयोग कर महिलाओं और लोगों को हटाया गया। इसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है। इन दौरान महिलाओं के मकानों पर बुलडोजर चला तो कई महिलाएं बिलख पड़ी तो कई बेहोश हो गईं। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पुलिस की लाठीचार्ज का हवाला देते हुए लिखा है कि भाजपा के नए राजस्थान में आपका स्वागत है। शर्मनाक! दरअसल, ओडवाड़ा गांव के दो भाइयों के जमीन का विवाद हाईर्ट पहुंचा था, सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पूरे ओडवाड़ा गांव की जमीन को ही ओरण भूमि बताया और 14 मई तक प्रशासन को जमीन से अतिक्रमण हटाने के निर्दश दिए। अतिक्रमण की जद में 150 गांव आए, जिन्हें तोड़ने के लिए आज प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची है, और कच्चे-पक्के मकान तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है।

सामान निकालने के लिए कल तक का समय दिया
जानकारी के अुनसार प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को कल तक का समय देते हुए राहत दी गई। इस बीच लोगों से अपने घरों से सामान हटा लेने को कहा गया है। शुक्रवार को प्रशासन एक बार फिर कार्रवाई शुरू करेगा। फिलहाल प्रशासन की ओर से कई घरों के बिजली कनेक्शन काट दिए गए हैं। साथ ही बुलडोजर के जरिए मकानों की बाउंड्री तोड़ी गई हैं।

गांव के 440 घर ओरण भूमि पर बने
मामला जालोर जिले के आहोर उपखंड क्षेत्र के ओडवाड़ा गांव का है, जहां दो भाइयों के जमीनी विवाद के मामले की सुनवाई करने के बाद हाईकोर्ट ने गांव के करीब 440 कच्चे-पक्के मकानों को तोड़ने के आदेश जारी किए हैं।  कोर्ट के आदेश के अनुसार 440 घर ओरण भूमि में बने हुए हैं। इसको लेकर पूर्व में कोर्ट के आदेश पर प्रशासन की ओर से पहले भी इन सभी घरों पर क्रॉस का निशान लगाकर चिन्हित किया गया था। मालिकों को घर खाली करने के नोटिस भी जारी किए गए थे। अब फिर से कोर्ट के आदेश के बाद 2 मई को तहसीलदार ने सभी को नोटिस जारी किए हैं। इन सभी मकान मालिकों को 14 मई तक मकान खाली करने को कहा गया था। ऐसा नहीं करने पर आज गुरुवार को प्रशासन की ओर से मकान तोड़ने और सामान जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है।

तीन साल पुराना है मामला
जानकारी के अनुसार ओड़वाड़ा गांव में 3 साल पहले गांव के निवासी मुकेश पुत्र मुल्लसिंह राजपुरोहित और महेन्द्रसिंह पुत्र बाबुसिंह राजपुरोहित में जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया था। जिसके बाद दोनों भाई  हाईकोर्ट पहुंच गए। दोनों भाइयों की जमीन का नाप हुआ। जिसमें करीब गांव के 440 घर ओरण भूमि पर बने पाए गए। जिसके बाद कोर्ट के आदेश से 2022 और 2023 में कुछ कच्चे अतिक्रमण हटा दिए थे। अब फिर से कोर्ट के आदेश पर 150 से अधिक कच्चे मकान और 160 के करीब बाड़े बंदी हटाने को लेकर उन्हें चिन्हित किया गया है।

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