
MP में ‘धनकुबेर’ PWD इंजीनियर पर EOW की रेड, 11 करोड़ की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा
बालाघाट
बालाघाट में पदस्थ लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यपालन यंत्री कमल किशोर सिंगारे के खिलाफ आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईओडब्ल्यू की टीम ने उनके तीन ठिकानों बालाघाट, भोपाल और छिंदवाड़ा में एक साथ छापामार कार्रवाई की। उनके घर और संपत्तियों की जांच के दौरान 11 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का आकलन किया गया है। हालांकि, यह आंकड़ा और बढ़ सकता है, क्योंकि अभी उनके बैंक लॉकर और 12 बैंक खातों की जांच जारी है।
सिविल कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने की थी मामले की शिकायत
केके सिंगारे करीब 14 महीने से बालाघाट में कार्यपालन यंत्री के पद पर कार्यरत थे। उन पर ठेकेदारों से निर्माण कार्य के बिल के भुगतान में कमीशन लेने का आरोप लगाया गया था। सिविल कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने भी इस संबंध में प्रशासन और विभागीय अधिकारियों को शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद संगठन के महासचिव यूनुस खान ने 13 जुलाई को EOW में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 30 लाख रुपये के भुगतान के बदले 10 लाख रुपये कमीशन की मांग की गई। इसके बाद गुरुवार को ईओडब्ल्यू ने केके सिंगारे के बालाघाट स्थित सरकारी आवास, छिंदवाड़ा स्थित निजी आवास और भोपाल स्थित निजी आवास पर एक साथ छापामार कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान चल और अचल संपत्ति को मिलाकर करीब 11 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का आकलन किया जा रहा है। हालांकि, अभी लॉकर और बैंक खातों की जांच जारी है। इसके बाद यह स्पष्ट होगा कि उनके पास कुल कितनी संपत्ति अर्जित की गई है।
छिंदवाड़ा में करोड़ों की संपत्ति मिली
बालाघाट में कार्रवाई के बाद EOW की टीम उन्हें छिंदवाड़ा स्थित आवास ले गई। वहां EOW को एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और उनके रिश्तेदारों के नाम से करोड़ों रुपए की संपत्ति मिली। छिंदवाड़ा स्थित आवास से 3 करोड़ रुपए की जमीन और मकान, 7.50 लाख रुपए नकद, 1 करोड़ रुपए के घरेलू सामान, 52 लाख रुपए के सोने के गहने, 1.20 लाख रुपए के चांदी के गहने, 49 लाख रुपए के दो चार पहिया वाहन, 4 लाख रुपए के तीन दोपहिया वाहन और 1.50 करोड़ रुपए का शॉपिंग कॉम्प्लेक्स मिला है।
अभी तक 11 करोड़ से अधिक की संपत्ति का आकलन
ईओडब्ल्यू की कार्रवाई में कार्यपालन यंत्री के घर से मिली चल-अचल संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 11 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। छिंदवाड़ा में मिली संपत्ति: करीब 3 करोड़ रुपये का मकान और जमीन के कागजात, 7.50 लाख रुपये नकद, करीब 1 करोड़ रुपये के घरेलू सामान, 52 लाख रुपये के सोने के गहने, 1.20 लाख रुपये के चांदी के गहने, 49 लाख रुपये के दो चार पहिया वाहन, 4 लाख रुपये के तीन दोपहिया वाहन, 1.50 करोड़ रुपये का शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, 2 करोड़ रुपये की जमीन और निर्माण, छत पर स्विमिंग पूल, 8 लाख रुपये का ट्रैक्टर, 1.50 लाख रुपये की ट्रॉली और 5 लाख रुपये के कृषि उपकरण।
बालाघाट में मिली संपत्ति- 2.5 लाख रुपये नकद और करीब 25 लाख रुपये का फोर व्हीलर वाहन।
भोपाल में मिली संपत्ति- 2 करोड़ रुपये की जमीन और मकान तथा 3.50 लाख रुपये के घरेलू सामान।
इसके अलावा उनके परिवार और उनके नाम से संचालित 12 बैंक खातों की जांच जारी है। बैंक लॉकर की भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कुल संपत्ति और कथित अनुपातहीन संपत्ति का अंतिम आकलन स्पष्ट हो सकेगा।
12 बैंक खाते और फार्म हाउस भी जांच के दायरे में
इसके अलावा, कमलकिशोर सिंगारे और उनके परिवार के नाम से अलग-अलग बैंकों में 12 खाते मिले हैं। EOW इन खातों में जमा राशि की जानकारी जुटा रही है। छिंदवाड़ा के फार्म हाउस में 2 करोड़ रुपए जमीन और निर्माण पर खर्च किए जाने की जानकारी मिली है। फार्म हाउस की छत पर स्विमिंग पूल भी बना है। यहां से 8 लाख रुपए का महिंद्रा ट्रैक्टर, 1.50 लाख रुपए की ट्रॉली और 5 लाख रुपए के अन्य कृषि उपकरण मिले हैं।
बैंक खातों और लॉकर की भी जांच जारी
EOW डीएसपी मंजीत सिंह ने बताया कि जांच अभी जारी है। टीम अन्य संपत्तियों, बैंक खातों और लॉकरों की भी जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि आगे की जांच में और भी संपत्तियों का खुलासा होने की संभावना है।
भोपाल आवास से 2 करोड़ की संपत्ति मिली
भोपाल स्थित आवास से 2 करोड़ रुपए की जमीन और मकान तथा 3.50 लाख रुपए के घरेलू सामान की इवेंट्री मिली है। EOW के अनुसार, अब तक की जांच में कुल 11 करोड़ रुपए की संपत्ति सामने आई है। सर्च अभी जारी है, इसलिए कार्रवाई के दौरान और संपत्ति मिलने की संभावना है।
EOW ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्यपालन यंत्री कमलकिशोर सिंगारे के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच में लिया है।



