
हरियाणा में कचरा उठान की निगरानी सख्त, 86 निकायों में 1646 वार्ड समितियां सक्रिय
चंडीगढ़
हरियाणा में कचरा संग्रहण से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए सभी शहरी निकायों में वार्ड समितियों का गठन कर दिया गया है।
कोई भी व्यक्ति इन वार्ड समितियों के वाट्सएप नंबर पर शिकायत दर्ज करवा सकता है, जिसका तुरंत समाधान किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में शत-प्रतिशत कचरा उठान के लिए घर-घर जीपीएस आधारित वाहन पहुंचेंगे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को शहरी निकायों में सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, रूट मैपिंग, मशीनरी की उपलब्धता, पोर्टल के माध्यम से भुगतान, वार्ड समितियों के गठन, स्वच्छता पखवाड़ा कलैंडर, बल्क वेस्ट जनरेटर्स की पहचान व पंजीकरण तथा एनजीओ मैपिंग एंड एमओयू सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा की।
5जी नेटवर्क वाले जीपीएस प्रणाली के तहत चलाए जा रहे वाहन
बैठक में बताया गया कि कचरा उठाने वाले वाहनों की निगरानी के लिए 83 शहरी स्थानीय निकायों में 4जी व 5जी नेटवर्क वाली जीपीएस प्रणाली के वाहन चलाए जा रहे हैं। शेष चार शहरी स्थानीय निकायों में भी इस प्रक्रिया को जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा ने बताया कि जून में जहां 28 शहरी स्थानीय निकायों में 100 रूट मैपिंग का कार्य पूरा हुआ था, वहीं 20 सितंबर तक ऐसे निकायों की संख्या बढ़कर 66 हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक वार्ड की रूट मैपिंग में संबंधित कचरा संग्रहण वाहन, उसका समय और चालक का संपर्क नंबर शामिल किया जाए। यह जानकारी संबंधित वार्ड कमेटी के वाट्सएप समूह में साझा की जाए, ताकि घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था की प्रभावी निगरानी हो सके।
सेवा प्रदाता एजेंसियों को भुगतान केवल सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। भुगतान में अनावश्यक देरी करने वाले अधिकारियों पर दंड लगाया जा सकता है।
अधिकारियों ने बताया कि सितंबर तक 87 में से 86 शहरी स्थानीय निकायों में 1646 वार्ड कमेटियां गठित की जा चुकी हैं जो पूरी तरह से सक्रिय हैं।
वार्ड कमेटियों के सदस्यों को पहचान पत्र भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। हरियाणा स्वच्छ लीग के माध्यम से प्रतिस्पर्धात्मक और रैंकिंग आधारित स्वच्छता व्यवस्था विकसित की जा रही है। बेहतर प्रदर्शन करने वाली वार्ड कमेटियों को जिला स्तर पर तिमाही आधार पर पुरस्कृत किया जाएगा।
उपायुक्तों के लिए बनी यूजर आइडी
सभी जिलों में उपायुक्तों के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पोर्टल पर यूजर आइडी बनाई जा चुकी है। 21 जिलों में जिला विशेष प्रकोष्ठों का गठन किया जा चुका है, जबकि चरखी दादरी और पलवल में प्रक्रिया जारी है।
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ कैलेंडर को हरियाणा में भी अपनाया जा रहा है। इसके तहत 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक विशेष स्वच्छता पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली वार्ड कमेटियों को सम्मानित भी किया जाएगा।
बल्क वेस्ट जनरेटरों का पंजीकरण अनिवार्य
सभी बल्क वेस्ट जनरेटर्स की पहचान कर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पोर्टल पर इनका पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों का पालन नहीं करने वाले थोक अपशिष्ट उत्पादकों पर कार्रवाई की जाएगी। 65 निकायों में मानव संसाधन की कमी दूर की जा चुकी है, जबकि 68 शहरी स्थानीय निकायों में मशीनरी की कमी दूर की जा चुकी है।




