
‘गुजरात और पंजाब के स्कूलों की जांच करवा लें’, अरविंद केजरीवाल का BJP को खुला चैलेंज
नई दिल्ली.
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के सरकारी स्कूलों को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। एक वीडियो संदेश जारी कर केजरीवाल ने बीजेपी नेतृत्व को खुली चुनौती दी है कि वे गुजरात के 1,000 और पंजाब के 1,000 सरकारी स्कूलों की संयुक्त जांच करा लें, ताकि पूरा देश देख सके कि कहां की शिक्षा व्यवस्था बेहतर है।
पंजाब के स्कूलों को बदनाम करने में जुटी बीजेपी
वीडियो संदेश में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आजकल बीजेपी वाले पंजाब के स्कूलों को बदनाम करने में लगे हुए हैं। मैं बीजेपी को चैलेंज करता हूं। 30 साल से आपकी गुजरात में सरकार है और साढ़े चार साल से हमारी पंजाब में सरकार है। पंजाब के 1000 स्कूलों की लिस्ट मैं देता हूं और गुजरात के 1,000 स्कूलों की लिस्ट आप दो। पूरा मीडिया साथ चलेगा, बीजेपी वाले भी आएं और हम भी जाएंगे। दोनों राज्यों के स्कूलों का इंस्पेक्शन करते हैं कि कौन से अच्छे हैं।
पुराने वीडियो और फर्जी तस्वीरों का लगाया आरोप
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि जब से विपक्षी दलों ने बीजेपी शासित राज्यों के स्कूलों की बदहाली उजागर करनी शुरू की है, तब से बीजेपी पंजाब के स्कूलों को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि इन्होंने अपने स्कूल तो ठीक नहीं किए, लेकिन पंजाब के स्कूलों को बदनाम करना शुरू कर दिया। ये लोग 2018 का वीडियो चलाकर कह रहे हैं कि आम आदमी पार्टी का स्कूल खराब है। 2018 में पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी और 2017 तक बीजेपी की साझेदारी वाली सरकार थी, उन्होंने स्कूलों की ऐसी हालत की थी।
साढ़े चार साल में बदले 19,200 स्कूल
पंजाब सरकार के शिक्षा मॉडल का ब्योरा देते हुए केजरीवाल ने बताया कि राज्य में कुल लगभग 19,700 सरकारी स्कूल हैं। इनमें से 19,200 से अधिक स्कूलों का कायाकल्प कर उन्हें बेहद शानदार बना दिया गया है। शेष बचे 500 स्कूलों का जीर्णोद्धार जारी है, जो अगले डेढ़ से दो साल के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। केजरीवाल ने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूलों को सुधारने का काम किसी एक पार्टी ने नहीं, बल्कि वहां के शिक्षकों, प्रिंसिपलों, बच्चों और अभिभावकों ने मिलकर किया है।
उन्होंने अपील की कि पुरानी तस्वीरों, AI-डॉक्टर्ड वीडियो और भ्रामक पोस्ट के जरिए पंजाब की जनता और शिक्षकों के प्रयासों का अपमान न किया जाए। केजरीवाल ने अपनी बात का अंत करते हुए दोहराया कि यदि बीजेपी में हिम्मत है, तो वह उनके 1,000 बनाम 1,000 स्कूलों के निरीक्षण की चुनौती को स्वीकार करे।




