
कार्तिक स्नान 2026: ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना क्यों माना जाता है शुभ? जानें सही समय और नियम
Kartik Snan 2026: हिंदू धर्म में कार्तिक मास को बेहद पवित्र माना जाता है. यह महीना भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना और भक्ति के लिए खास होता है. इस दौरान श्रद्धालु सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं, तुलसी की पूजा करते हैं और घर में दीपक जलाते हैं. धार्मिक मान्यता है कि, कार्तिक मास में स्नान-दान, दीपदान और पूजा-पाठ करने से पुण्य मिलता है. वहीं, इस महीने में सुबह स्नान करने की परंपरा भी सदियों से चली आ रही है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कार्तिक मास में किस समय स्नान करना सबसे शुभ माना जाता है? आइए जानते हैं…
कार्तिक मास में कब करें स्नान?
कार्तिक मास में सुबह सूर्योदय से पहले स्नान करना शुभ माना जाता है. इस महीने ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने का विशेष महत्व है. ब्रह्म मुहूर्त आमतौर पर सूर्योदय से करीब डेढ़ घंटे पहले होता है. हालांकि, इसका सही समय जगह और तारीख के हिसाब से बदल सकता है. इसलिए स्नान का सटीक समय जानने के लिए स्थानीय पंचांग देखना चाहिए. कार्तिक मास में कई लोग पवित्र नदियों में स्नान करते हैं. अगर नदी या तालाब में जाना संभव न हो, तो घर पर ही स्नान कर सकते हैं. इसके बाद साफ कपड़े पहनें, सूर्य देव को जल चढ़ाएं और भगवान विष्णु की पूजा करें. मान्यता है कि इस महीने में नियमित रूप से स्नान और पूजा-पाठ करने से पुण्य मिलता है और मन में शांति बनी रहती है.
कार्तिक मास में व्रत कब रखें?
पंचांग के अनुसार, इस साल कार्तिक मास 27 अक्टूबर से शुरू होकर 24 नवंबर को समाप्त होगा. जो लोग पूरे महीने कार्तिक स्नान का संकल्प लेते हैं, वे रोज सुबह जल्दी उठकर स्नान और पूजा करते हैं. इस महीने में देवउठनी एकादशी, तुलसी विवाह और कार्तिक पूर्णिमा जैसे त्योहार भी आते हैं. इन दिनों व्रत रखने और पूजा करने का खास महत्व माना जाता है. अगर आप किसी खास दिन व्रत रखना चाहते हैं, तो उसकी सही तारीख, पूजा का समय और व्रत खोलने का समय पंचांग में जरूर देख लें.
कार्तिक मास में स्नान के बाद जरूर करें ये काम
कार्तिक मास में सुबह स्नान करने के बाद भगवान विष्णु की पूजा करें. साथ ही, तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं. शाम के समय घर के मंदिर में दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है. इस महीने में अपनी श्रद्धा के अनुसार दीपदान भी कर सकते हैं. कार्तिक मास में दान करने का भी खास महत्व है. इस दौरान जरूरतमंद लोगों को अनाज, कपड़े और जरूरी सामान दान कर सकते हैं. इसके अलावा, रोज कुछ समय भगवान का नाम जपने और पूजा-पाठ करने में बिताएं




